ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News छत्तीसगढ़मां-बाप का हत्यारा बेटा फांसी की सजा से मुक्त, हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदला, दो आरोपी बरी

मां-बाप का हत्यारा बेटा फांसी की सजा से मुक्त, हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदला, दो आरोपी बरी

दुर्ग का चर्चित रावल मल जैन मनी दंपति हत्याकांड मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास की सजा में बदलते हुए आरोपी बेटे को बड़ी राहत दी है। इसके साथ ही मामले में दो सह अभियुक्त को

मां-बाप का हत्यारा बेटा फांसी की सजा से मुक्त, हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदला, दो आरोपी बरी
Rohit Burmanलाइव हिन्दुस्तान,रायपुरSat, 02 Dec 2023 05:49 PM
ऐप पर पढ़ें

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अपने ही मां-बाप की हत्या करने का मामला खूब चर्चा में आया था। दुर्ग का चर्चित रावलमल जैन मनी दंपति हत्याकांड मामले में मां-बाप की हत्या के आरोपी संदीप जैन को दुर्ग कोर्ट के द्वारा फांसी की सजा को बिलासपुर हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास में बदल दिया है। इसके साथ ही इस पूरे मामले में संदीप का साथ देने वाले दो सह अभियुक्त शैलेंद्र और गुरुदत्ता की 5-5 साल की सजा को बदलकर हाईकोर्ट ने उन्हें दोष मुक्त करार दिया है। 

यह मामला 1 जनवरी साल 2018 का है संदीप जैन नाम का यह आरोपी दुर्ग के गंजपारा स्थित मकान में अपने माता-पिता के साथ रहता था। जहां उसने अपने घर में पिता रावलमल जैन और मां सुरजा बाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने अपनी पूछताछ में आरोपी संदीप को दोषी मानते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी संदीप ने बताया था कि उसके पिता रावलमल जैन पुरानी रूढ़िवादी विचारधारा के थे। उनको उसके महिला मित्रों से मिलना जुलना पसंद नहीं था। वह कई बार उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की धमकी भी दिया करते थे। इन सभी बातों से नाराज होकर उसने अपने पिता को मारने की साजिश रची थी।‌ इसके बाद उसने प्लानिंग के तहत अपने पिता और माता दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने उस वक्त पुलिस की पूछताछ में यह भी बताया था कि पिता की हत्या करने के लिए उसने अपने एक दोस्त से पिस्तौल और कारतूस भी खरीदा था। यह देसी पिस्टल उसने कालीबाड़ी दुर्ग में रहने वाले भगत सिंह गुरुदत्ता और गुरु नानक नगर दुर्ग में रहने वाले शैलेंद्र सागर से खरीदा था। इसके बाद दुर्ग कोर्ट ने दोनों सह अभियुक्त को हत्या में साथ देने के मामले में दोषी मानते हुए 5-5 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने अब फैसले को बदलते हुए उन्हें दोष मुक्त कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी संदीप को राहत देते हुए उसकी फांसी की सजा को आजीवन कारावास की सजा में बदल दिया है।


बताया जा रहा है कि जब दुर्ग जिला कोर्ट ने संदीप जैन को फांसी की सजा सुनाई थी उसके बाद से संदीप के वकील ने हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका लगाई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार 1 दिसंबर को हाईकोर्ट ने संदीप की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलते हुए उसे जीवन दान दिया है।

 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें