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हिंदी न्यूज़ छत्तीसगढ़हसदेव जंगल में काट दिए 8 हजार पेड़, भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग, सदमें में एक साल से धरना दे रहे ग्रामीण

हसदेव जंगल में काट दिए 8 हजार पेड़, भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग, सदमें में एक साल से धरना दे रहे ग्रामीण

छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगल में कोल ब्लॉक शुरू करने कड़ी सुरक्षा के बीच प्रशासन और वन विभाग ने 45 हेक्टेयर क्षेत्र में 8 हजार पेड़ों की कटाई पूरी करा ली। कटाई पर भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग चल रही है।

हसदेव जंगल में काट दिए 8 हजार पेड़, भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग, सदमें में एक साल से धरना दे रहे ग्रामीण
Sandeep Diwanलाइव हिन्दुस्तान,अंबिकापुरWed, 28 Sep 2022 09:00 PM
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उत्तरी छत्तीसगढ़ के हसदेव क्षेत्र में कोल ब्लॉक के लिए मंगलवार रात तक कड़ी सुरक्षा के बीच प्रशासन और वन विभाग ने 45 हेक्टेयर क्षेत्र में 8 हजार पेड़ों की कटाई पूरी करा ली। अडानी समूह द्वारा संचालित कोल ब्लॉक के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेता आमने-सामने हैं। बुधवार को भाजपा ने परसा क्षेत्र में पहुंचकर प्रदर्शन किया और पेड़ों की कटाई के लिए कांग्रेस को दोषी बताया। वहीं कांग्रेस ने कहा है कि खदान को मंजूरी डॉ. रमन सरकार के कार्यकाल में दी गई है। बुधवार को जिला प्रशासन, वन विभाग ने सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में काटे गए पेडों की बल्ली बनाने का काम पूरा शुरू किया। इधर पेडों की कटाई के विरोध में एक वर्ष से धरना दे रहे ग्रामीण आज सदमें में रहे और पेड़ों को काटे जाने को दुखद बताया।

सरगुजा जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने सरगुजा, सूरजपुर और कोरबा जिले के करीब एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती कर मंगलवार तड़के से हसदेव क्षेत्र में पेड़ों की कटाई शुरू करा दी गई थी। पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों के नेतृत्वकर्ता एवं ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को मिलकर कुल 19 लोगों को पुलिस ने तड़के से ही घरों से उठाकर नजरबंद कर दिया था। मंगलवार पूरे दिन बड़ी संख्या में मशीनों से कटाई कराते हुए देर रात तक आठ हजार पेड़ों की कटाई का काम पूरा कर लिया गया। इसके बाद देर रात नजरबंद किए गए सभी लोगों को रिहा कर दिया गया। बुधवार को काटे गए पेड़ों की बल्लियां बनाने का काम जारी रहा। आक्रोश को देखते हुए सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल तैनात रहे।

भाजपा-कांग्रेस के नेताओं में जुबानी जंग
हसदेव क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर भाजपा ने विरोध करते हुए बुधवार को मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन की कोशिश की। भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पदाधिकारियों को पुलिस ने परसा मार्ग पर रोक दिया और कटाई स्थल पर नहीं पहुंचने दिया। भाजपा पदाधिकारियों ने मुख्य मार्ग को ही जाम कर दिया और नारेबाजी करने लगे। भाजपा जिलाध्यक्ष ललन प्रताप सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने कांग्रेस को पेड़ों की कटाई के लिए जिम्मेदार बताते हुए मंत्री टीएस सिंहदेव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहली गोली मुझे लगेगी का बयान जारी करने वाले टीएस सिंहदेव क्यों नदारद हैं। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, शफी अहमद, बालकृष्ण पाठक, द्वितेंद मिश्रा, ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि हसदेव क्षेत्र में कोल ब्लॉक की अनुमति रमन सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2012 में दी गई थी। भाजपा लोगों को भ्रमित कर रही है।

हसदेव जंगल के 2 लाख पेड़ काटे जाएंगे
राजस्थान के विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित परसा कोल ब्लाक के डेवलेपमेंट एवं माइनिंग का ठेका अडानी इंटरप्राइसेस के हाथों में है। पहले चरण में परसा कोल ब्लॉक में 841 हेक्टेयर जंगल की भूमि से पेड़ों की कटाई की गई थी। दूसरे चरण में परसा ईस्ट-केते-बासेन कोल ब्लॉक में कुल 2711 हेक्टेयर क्षेत्र में कोल उत्खनन की मंजूरी दी गई थी। इसमें 1898 हेक्टेयर भूमि वनक्षेत्र है, जिसमें परसा, हरिहरपुर, फतेहपुर और घाटबर्रा के 750 परिवारों को विस्थापित करने का प्रस्ताव है। अनुमान के मुताबिक पीकेईबी में 2 लाख पेड़ काटे जाएंगे। इस वर्ष 11 हजार 707 पेड़ों को काटने के लिए चिह्नित किया गया है। आठ हजार पेड़ों की कटाई कर ली गई है। सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि पेड़ों की कटाई वनविभाग द्वारा कराई जा रही है। अभी 45 हेक्टेयर के जंगल काटे जाएंगे। उसके बाद 1100 हेक्टेयर का एक और जंगल काटा जाएगा।

विरोध प्रदर्शन पड़ा ठंडा, ग्रामीणों में मातम
हसदेव क्षेत्र के पेड़ों की कटाई रोकने करीब एक साल से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण प्रशासन की इस कार्रवाई से सकते में हैं। ग्रामीणों ने बुधवार को धरना स्थल पर बैठक की। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। प्रदेश सरकार और मंत्री टीएस सिहदेव के प्रति भी लोगों ने नाराजगी जताई। प्रशासन ने इस कटाई के लिए ऐसे समय को चुना जब टीएस सिंहदेव अंबिकापुर या सरगुजा में नहीं हैं। आंदोलन के नेतृत्वकर्ता आलोक दुबे दिल्ली रवाना हो गए थे। 18 लोगों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया था। अब ग्रामीणों में निराशा है कि इस कटाई के बाद शायद वे आगे की कटाई भी नहीं रोक पाएंगे। (रिपोर्ट: मनोज कुमार)

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