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CGPSC कथित घोटाले में पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी के खिलाफ थाने में दर्ज की गई FIR, जानें पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में सीजीपीएससी मामले को लेकर बालोद जिले में केस दर्ज किया गया है। इस केस में पुलिस ने शिकायतकर्ता का नाम बेहद ही गुप्त रखा है। इसके पीछे की वजह यह है कि केस बेहद ही हाईप्रोफाइल है।

CGPSC कथित घोटाले में पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी के खिलाफ थाने में दर्ज की गई FIR, जानें पूरा मामला
Rohit Burmanलाइव हिन्दुस्तान,रायपुरWed, 28 Feb 2024 03:28 PM
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छत्तीसगढ़ में पीएससी परीक्षा घोटाले मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा होने लगी है। सीजीपीएससी घोटाले मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के  अर्जुंदा थाने  में एफआईआर दर्ज की गई है। बतादें कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित घोटाला को लेकर अर्जुंदा थाने में शिकायत की गई थी। इस शिकायत के आधार पर सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी सहित अन्य लोगों पर धारा 420 और भ्रष्ट्राचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। वही केस में कई बड़े लोगों के नाम होने के कारण पुलिस ने शिकायतकर्ता का नाम भी गुप्त रखा है। 

पुलिस में की गई शिकायत में बताया गया कि इस मामले को लेकर जिन अभ्यार्थियों ने शिकायत की है उसमें यह कहा गया है कि वह अभ्यार्थी सीजीपीएससी की परीक्षा में साल 2021 में शामिल हुआ था। उसके बाद वह मेंस में भी पास होने के बाद इंटरव्यू तक पहुंचा इस बीच उसका इंटरव्यू भी अच्छा गया, लेकिन चयन नहीं किया गया। इसके अलावा उसने शिकायत में कहा कि मेरे अलावा कुछ ऐसे लोग भी थे जो इंटरव्यू से तुरंत निकल गए थे। उसके बाद जब परीक्षा के परिणाम सामने आए तो पता चला कि उन लोगों का चयन हो गया। इस लिस्ट में  पीएससी के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी का बेटा, बहू, पुत्री और अन्य रिश्तेदार का चयन हो चुका था।  इनके अलावा कांग्रेसी नेता, अधिकारी, कर्मचारी और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारो के नाम भी शामिल थे। इसके अलावा उसने आरोप लगाया कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में जो उम्मीदवार परीक्षा में बैठे भी नहीं उनका भी चयन किया गया। 

मामले को लेकर बालोद पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक ने  जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यार्थी की शिकायत के आधार पर मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले को लकेर जांच की जा रही है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता के साथ ही उसके परिवार का नाम गुप्त रखा गया है। अब इस मामले को लेकर पुलिस केस की जांच किसी हायर एजेंसी को सौंप सकती है। 

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