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2018 में 14 पंजा और 2023 में 14 कमल, इन पांच सालों में कैसे बदला सरगुजा का सियासी समीकरण?

छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी ने सरगुजा संभाग में कांग्रेस का सुपर साफ कर दिया है। साल 2018 के चुनाव में यहां से भाजपा सभी सीटों में हरी थी

2018 में 14 पंजा और 2023 में 14 कमल, इन पांच सालों में कैसे बदला सरगुजा का सियासी समीकरण?
Rohit Burmanलाइव हिन्दुस्तान,रायपुरMon, 04 Dec 2023 10:56 AM
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली अप्रत्याशित जीत ने सबको हैरान कर दिया है। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ 90 विधानसभा सीटों में से 54 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वही कांग्रेस पार्टी को 35 सीटें और अन्य के रूप में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 1 सीट मिली है। साल 2023 के इन नतीजे के साथ ही कांग्रेस पार्टी 2018 में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति में आकर खड़ी हो गई है। पिछले चुनाव में सरगुजा संभाग की 14 सीटों पर कांग्रेस का परचम लहराया था, तो वही इस बार के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने यहां कांग्रेस का सुपड़ा साफ कर दिया है।‌ सरगुजा संभाग की 14 सीटों में से एक भी सीट जीतने में कांग्रेस कामयाब नहीं हो पाई है। इन सीटों में कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री और एक मंत्री चुनाव हार गए हैं।‌


सरगुजा संभाग की 14 सीटों के नतीजे


साल 2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नजर डाले तो सरगुजा संभाग में 14 विधानसभा सीटें आती हैं। इन सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इनमें सीट नंबर 1 भरतपुर सोनहत में भाजपा की रेणुका सिंह ने 4749 मतों से कांग्रेस के गुलाब सिंह को हराया है। सीट नंबर दो में मनेंद्रगढ़ से भाजपा के प्रत्याशी श्याम बिहारी ने कांग्रेस के रमेश सिंह को 11880 वोट से हराया। सीट नंबर 3 बैकुंठपुर विधानसभा सीट में भाजपा के भैयालाल राजवाड़े ने 25266 वोट से कांग्रेस की अंबिका सिंहदेव को हराया। सीट नंबर 4 प्रेम नगर विधानसभा सीट से भाजपा के भूलन सिंह मरावी ने कांग्रेस के खेलसाय सिंह को 33290 वोट से हराया।‌ सीट नंबर 5 भटगांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की प्रत्याशी लक्ष्मी राजवाड़े ने कांग्रेस के पारसनाथ को 32207 वोट से हराया। सीट नंबर 6 प्रतापपुर में भाजपा की शकुंतला पोर्ते ने कांग्रेस की राजकुमारी मरावी को 11708 वोट से हराया।‌ सीट नंबर 7 रामानुजगंज में भाजपा के रामविचार नेताम ने कांग्रेस के अजय तिर्की को 29663 वोट से हराया। सीट नंबर 8 सामरी में भाजपा की उद्देश्य्वारी पैकरा ने कांग्रेस के विजय पैकरा को 13933 वोट से हराया। सीट नंबर 9 लुड्रा विधानसभा में भाजपा के प्रबोध मिंज ने कांग्रेस के प्रीतम राम को 24128 वोट से हराया।‌ सीट नंबर 10 अंबिकापुर में भाजपा के राजेश अग्रवाल ने कांग्रेस के टीएस सिंहदेव को 94 वोट से हराया।‌ सीट नंबर 11 सीतापुर विधानसभा से भाजपा के रामकुमार टोप्पो ने कांग्रेस के अमरजीत भगत को 17160 वोट से हराया। सीट नंबर 12 जयपुर से भाजपा की रायमुनि भगत ने कांग्रेस के विनय भगत को 17875 वोट से हराया। सीट नंबर 13 कुनकुरी विधानसभा से भाजपा के विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के यूडी मिंज को 25541 वोट से हराया और सीट नंबर 14 पत्थलगांव विधानसभा सीट से भाजपा की गोमती साय ने कांग्रेस के राम पुकार सिंह को 255 वोट से चुनाव हराया है। 


कुछ इसी तरह साल 2018 के विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ चली लहर ने कांग्रेस पार्टी ने सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटों को जीतने में सफलता प्राप्त की थी। सरगुजा संभाग यह कैसा संभाग था जहां से कांग्रेस पार्टी ने क्लीन स्वीप करते हुए अपने विधायकों को विधानसभा तक लेकर गई थी और साल 2023 के परिणाम में भी छत्तीसगढ़ के एक मात्र सरगुजा संभाग में भारतीय जनता पार्टी  क्लीन स्वीप करने में सफल हो पाई है। 

सरगुजा संभाग से हारे कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री और मंत्री

साल 2023 की विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस की प्रचंड जीत में सरगुजा संभाग का किला ढह गया है। सरगुजा की सभी 14 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की है इस बीच छत्तीसगढ़ के दो कद्दावर नेता चुनाव हार गए हैं।‌ जिसमें एक अंबिकापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव हैं तो दूसरे सीतापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले अमरजीत भगत। साल 2023 के चुनाव के परिणाम में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री महज 94 वोट से हारे हैं। तो वही सीतापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत को 17160 वोटों से हार मिली है।

सरगुजा का सियासी समीकरण बदलने की वजह


छत्तीसगढ़ के साथ-साथ सरगुजा क्षेत्र में हुए इस बदलाव के लेकर अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।‌ साल 2018 में छत्तीसगढ़ में भाजपा के खिलाफ नाराजगी की वजह से संभाग की सभी 14 सीटें भाजपा ने गवाई थी।  लेकिन साल 2023 का चुनाव कांग्रेस के खिलाफ नाराजगी का तो नहीं देखा गया। इस चुनाव में सरगुजा संभाग के परिणाम को देखकर यह माना जा रहा है कि यहां भारतीय जनता पार्टी की‌ घोषणाएं, विधायकों के खिलाफ नाराजगी, नए चेहरों को मैदान में उतरना और पीएम मोदी के दौरे का प्रभाव खूब पड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान यह खबरें थी कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की महतारी वंदन योजना का फॉर्म सरगुजा संभाग में जमकर भराया गया। चर्चा यह थी कि सरगुजा में भाजपा ने बड़ी ही तेजी के साथ महिलाओं की महतारी वंदन योजना की खबर घर-घर तक पहुंता दी थी। यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में भाजपा को जमकर वोट पड़े हैं। शहरी इलाके कांग्रेस के पक्ष में इस बार नजर आए हैं। इसके साथ ही इस बार के परिणाम में पीएम मोदी का घर-घर संदेश भी बहुत सफल माना जा रहा है।

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