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Hindi News छत्तीसगढ़कोयला घोटाले में पूर्व सांसद विजय दर्डा और उनके बेटे देवेंद्र दर्डा को चार साल की जेल, जमानत भी मिली

कोयला घोटाले में पूर्व सांसद विजय दर्डा और उनके बेटे देवेंद्र दर्डा को चार साल की जेल, जमानत भी मिली

छत्तीसगढ़ में कोयला ब्लॉक आवंटन भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे देवेंद्र दर्डा और व्यवसायी मनोज कुमार जयसवाल को चार साल जेल की सजा सुना दी गई है।

कोयला घोटाले में पूर्व सांसद विजय दर्डा और उनके बेटे देवेंद्र दर्डा को चार साल की जेल, जमानत भी मिली
vijay darda
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीWed, 26 Jul 2023 04:39 PM
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राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को छत्तीसगढ़ में कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितता से जुड़े एक मामले में पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्डा (Vijay Darda), उनके बेटे देवेंद्र दर्डा (Devender Darda) और व्यवसायी मनोज कुमार जयसवाल (Manoj Kumar Jayaswal) को चार साल की जेल की सजा सुनाई। अदालत के आदेश के बाद तीनों दोषियों को हिरासत में ले लिया गया। 

समाचार एजेंसी पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार (Chhattisgarh coal block allocation scam) से जुड़े एक मामले में यह सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि विजय दर्डा, उनके बेटे देवेंद्र दर्डा और मनोज कुमार जयसवाल (Manoj Kumar Jayaswal) को चार-चार साल जेल की सजा सुनाई जाती है। अदालत ने जैसे ही यह फैसला दिया, तीनों दोषियों को हिरासत में ले लिया गया।

विशेष न्यायाधीश संजय बंसल (Special Judge Sanjay Bansal) ने पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता (ex coal secretary HC Gupta) और दो पूर्व वरिष्ठ लोक सेवकों केएस क्रोफा (KS Kropha and KC Samria) और केसी समरिया (KC Samria) को भी तीन साल की सजा सुनाई। 

हालांकि, इन तीनों दोषियों को अदालत ने निजी मुचलके पर जमानत दे दी, ताकि वे अपनी दोषसिद्धि और सजा को उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकें। अदालत ने मामले में दोषी ठहराई गई कंपनी जेएलडी यवतमाल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (JLD Yavatmal Energy Pvt Ltd) पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

उल्लेखनीय है कि कोयला घोटाले में 13वीं दोषसिद्धि में अदालत ने 13 जुलाई को सात आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश रचना) एवं 420 (जालसाजी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया था। यह कोयला घोटाला केंद्र की पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में सामने आया एक बड़ा घोटाला था।