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आजादी के बाद पहली बार यहां हारी कांग्रेस, छत्तीसगढ़ में BJP ने एक रिकॉर्ड भी बनाया; सबसे ज्यादा मतों से कौन जीता

भाजपा के उम्मीदवार विजय बघेल को 19 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर.महंत ने सक्ती सीट पर भाजपा के डॉ.राम खेलावन साहू को 12 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी।

आजादी के बाद पहली बार यहां हारी कांग्रेस, छत्तीसगढ़ में BJP ने एक रिकॉर्ड भी बनाया; सबसे ज्यादा मतों से कौन जीता
Nishant Nandanवार्ता,रायपुरSun, 03 Dec 2023 08:54 PM
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छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ कांग्रेस को शिकस्त देकर जोरदार वापसी की है। इस चुनाव में भाजपा ने एक रिकॉर्ड भी बनाया है। दरअसल राज्य गठन के बाद भाजपा ने सर्वाधिक 54 सीटों पर जीत दर्ज की है। भूपेश सरकार के नौ मंत्री चुनाव हार गए हैं। मतगणना सभी 33 जिला मुख्यालयों पर सुबह आठ बजे जब शुरू हुई तो कांग्रेस और भाजपा में कड़ा मुकाबला दिखाई पड़ने लगा था। डाक मतपत्रों की गणना में कांग्रेस के मुकाबले भाजपा ने बढ़त बनाकर कड़े मुकाबले का संकेत दे दिया था। कई बार थोड़े उतार-चढ़ाव हुए लेकिन पांच छह राउन्ड की गणना के बाद भाजपा ने बढ़त बढ़ा ली और वह सिलसिला आखिरी तक बना रहा। भाजपा ने राज्य गठन के बाद सर्वाधिक 54 सीटों पर जीत दर्ज की।

भाजपा उम्मीदवार एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह राजनांदगाव सीट से फिर चुनाव जीत गए हैं। डॉ सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी गिरीश देवांगन को लगभग 45 हजार मतो से शिकस्त दी। रमन सिंह लगातार चौथी बार इस सीट से निर्वाचित हुए हैं। उनकी अब तक की इस सीट पर सबसे बड़े अन्तर से जीत है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने लोरमी सीट पर कांग्रेस के थानेश्वर साहू को 45 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं तो चुनाव जीत गए, हालांकि उनके मंत्रिमंडल के नौ मंत्री चुनाव हार गए हैं। इसी प्रकार विधानसभाअध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत तो चुनाव जीत गए जबकि विधानसभा उपाध्यक्ष सन्त कुमार नेताम चुनाव हार गए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी परम्परागत सीट पाटन में भाजपा के उम्मीदवार विजय बघेल को 19 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर.महंत ने सक्ती सीट पर भाजपा के डॉ.राम खेलावन साहू को 12 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी।

उप मुख्यमंत्री टी.एस.सिंहदेव अपनी परम्परागत अम्बिकापुर सीट पर भाजपा के राजेश अग्रवाल से 157 वोटो से हार गए हैं। सिंहदेव ने रिकाउन्टिंग का आवेदन दिया है लेकिन उस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। विधानसभा उपाध्यक्ष सन्त कुमार नेताम को केशकाल सीट पर भाजपा के नीलकमल टेकाम ने 5700 से अधिक मतों से शिकस्त दी। 

यहां पहली बार हारी कांग्रेस

आजादी के बाद पहली बार सीतापुर सीट पर कांग्रेस को शिकस्त का सामना करना पड़ा है। सीतापुर सीट पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत चुनाव हार गए है। भगत को भाजपा के नए प्रत्याशी राम कुमार टोप्पों ने 17 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। नगरीय विकास मंत्री डा.शिव डहरिया को आरंग सीट पर भाजपा के गुरू खुशवंत साहेब ने 16500 मतों से शिकस्त दिया। साजा सीट पर कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं मंत्री रविंद्र चौबे को भाजपा के नए प्रत्याशी ईश्वर साहू ने शिकस्त दी।

मोहम्मद अकबर चुनाव हारे

कवर्धा सीट पर वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद अकबर को भाजपा के विजय शर्मा ने शिकस्त दी। पिछले चुनाव में सर्वाधिक मतों से राज्य में जीत दर्ज करने वाले अकबर को 41 हजार से अधिक मतों से शिकस्त का सामना करना पड़ा। मंत्री मोहन मरकाम को परम्परागत सीट कोंडागांव में भाजपा की उम्मीदवार पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेन्डी ने 18 हजार मतों से शिकस्त दी। कोरबा सीट पर राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को भाजपा के लखनलाल देवांगन ने 25 हजार से भी अधिक मतों से शिकस्त दिया। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू को दुर्ग ग्रामीण सीट पर भाजपा के ललित चन्द्राकर ने 15 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। मंत्री गुरू रूद्र साहू को सीट बदलने के बाद भी हार का सामना करना पड़ा।  

कवासी लखमा चुनाव जीते

आबकारी मंत्री कवासी लखमा अपनी परम्परागत सीट कोन्टा से कड़े मुकाबले में लगभग दो हजार मतों से चुनाव जीत गए है।उनके अलावा उच्च शक्षिा मंत्री उमेश पटेल अपनी परम्परागत सीट खरसिया और महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेडिया ने भाजपा के देवलाल ठाकुर 35 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। हालांकि, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय चुनाव हार गए है। चंदेल को जांजगीर चापा सीट पर कांग्रेस के व्यास कश्यप ने 5900 मतों से शिकस्त दी। इसी प्रकार भिलाई नगर सीट पर पांडेय को कांग्रेस के प्रत्याशी देवेन्द्र यादव ने 1264 मतों से शिकस्त दी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को भाजपा के विनायक गोयल से 8300 से अधिक मतों से शिकस्त का सामना करना पड़ा। जनता कांग्रेस की प्रमुख नेता डा.रेणु जोगी को अपनी परम्परागत सीट कोटा में शिकस्त का सामना करना पड़ा,उन्हे त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरे स्थान पर सन्तोष करना पड़ा।  

सबसे ज्यादा मतों से कौन जीता...

भाजपा को रायपुर शहर की चार सीटों समेत जिले की सभी सात सीटों पर सफलता हासिल हुई। पार्टी के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने लगभग एक तरफा मुकाबले में कांग्रेस के महंत राम सुन्दर दास को 67 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। वह राज्य में सर्वाधिक मतों से जीतने वाले नेता है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अमर अग्रवाल ने बिलासपुर सीट पर कांग्रेस के शैलेष पांडेय तो लगभग 29 हजार मतों से शिकस्त दी।पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अजय चन्द्राकर ने कुरूद सीट पर फिर कांग्रेस की नीलम चन्द्राकर को आठ हजार मतों से शिकस्त दी। पूर्व आईएएस भाजपा के ओ.पी.चौधरी ने कांग्रेस के प्रकाश नायक को 64 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। 

बीजेपी ने 46.30 प्रतिशत मत हासिल किए

चुनाव आयोग के आकडों के अनुसार भाजपा ने कुल 46.30 प्रतिशत मत हासिल कर सत्ता में वापसी की,जबकि कांग्रेस को 42.19 प्रतिशत मत हासिल कर सत्ता से बाहर होना पड़ा।बहुजन समाज पार्टी ने 2.07 मत जरूर हासिल किया लेकिन राज्य गठन के बाद पहली बार विधानसभा में उनका कोई विधायक नही होगा।जनता कांग्रेस को महज 1.22 प्रतिशत मत मिले,जबकि आम आदमी पार्टी(आप) महज 0.93 प्रतिशत मत ही हासिल कर पाई। 

BJP का सबसे अच्छा तो कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन

राज्य में भाजपा का यह जहां सबसे शानदार प्रदर्शन रहा है,वहीं कांग्रेस का सबसे खराब रहा है।भाजपा ने 2003 में 50,2008 में 50 तथा 2013 में 49 सीटों पर जीत दर्ज की थी,वहीं इस बार राजनीतिक पंडितों को चौकाते हुए वह 54 सीटे जीतने में कामयाब रही। कांग्रेस तीन बार चुनाव जरूर हारी लेकिन उसे क्रमशः 2003 में 37,2008 में 38 तथा 2013 में 39 सीटे हासिल हुई थी जबकि इस बार वह 35 सीटों पर पहुंच गई। इस बार विधानसभा में गोडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी एक सीट हासिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी हैं।      
 

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