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हिंदी न्यूज़ छत्तीसगढ़CISF की आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, 2 आरोपी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार, मुन्नाभाई गैंग के 5 अब भी फरार

CISF की आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, 2 आरोपी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार, मुन्नाभाई गैंग के 5 अब भी फरार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले मुन्नाभाई गैंग के 2 फरार आरोपियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है।

CISF की आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, 2 आरोपी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार, मुन्नाभाई गैंग के 5 अब भी फरार
Sandeep Diwanलाइव हिन्दुस्तान,रायपुरWed, 25 May 2022 05:10 PM

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले मुन्नाभाई गैंग के 2 फरार आरोपियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। मामले में 6 आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि 5 आरोपी अब भी फरार हैं। दुर्ग पुलिस ने CISF की आरक्षक (जीडी) भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले गैंग का खुलासा 18 मई को किया था। रीजनल ट्रेनिंग सेंटर उतई में आरक्षक भर्ती के दौरान बायोमेट्रिक्स टेस्ट में यह गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ा था, जिसके बाद अपराध दर्ज किया गया है।  

मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि सत्यपाल सिंह (24 वर्ष) निवासी खंडेर, थाना व तहसील फतेहाबाद, जिला-आगरा (उत्तर प्रदेश) सभी लिखित परीक्षा में शामिल हुआ था। वहीं आरोपी नत्थीलाल वर्मा (20 वर्ष) निवासी शहाविद, थाना-निभौरा, जिला-आगरा (उत्तर प्रदेश) ने अभ्यर्थियों से 2 लाख रुपये लेकर भर्ती दिलाने की बात कही थी। दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव के निर्देश पर थाना उतई से टीम उत्तर प्रदेश भेजी गई थी। टीम ने सत्यपाल सिंह और नत्थीलाल वर्मा गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी डीएस तोमर के मध्य प्रदेश के भिंड में छापा मारा गया, लेकिन आरोपी नहीं मिला।

फरार 5 आरोपियों की तलाश जारी 
एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि गिरफ्तार सत्यपाल सिंह ने चारों आरोपी की जगह लिखित परीक्षा दी थी, जिसकी पहचान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के बायोमैट्रिक मशीन से फिंगरप्रिंट मिलान कर पहचान की गई है। दूसरा आरोपी नत्थीलाल आरोपियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने लेकर आना तथा उसके एवज में 2 लाख रुपये लेना बताया है। प्रकरण में अभी भी 5 लोग फरार है, जिसकी गिरफ्तारी होनी बाकी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। बता दें कि इस मामले में उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के निवासी चंद्रशेखर (20 वर्ष), श्याम वीर सिंह निषाद (20 वर्ष), महेंद्र सिंह (19 वर्ष), अजीत सिंह (19 वर्ष), दुर्गेश सिंह (31 वर्ष) और हरिओम (25 वर्ष) पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। 

परीक्षा पास कराने का 5-5 लाख में ठेका 
पुलिस गिरफ्त में आए इन आरोपियों का मुखिया दुर्गश तोमर मुरैना निवासी है। पुलिस को आरोपियों ने बताया था कि 5-5 लाख रुपये में सौदा किया था। जीडी आरक्षक भर्ती परीक्षा अलग-अलग चरणों में होती है। इसमें वे मूल अभ्यर्थी की जगह अपने गिरोह के युवक को भेजते थे। परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था। परीक्षा पास कराने का ठेका लेने वाले गिरोह के लोग परीक्षा में बैठे थे। परीक्षा पास करने के बाद अब फिजिकल टेस्ट में दूसरे को भेजे थे।

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