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छत्तीसगढ़ चुनाव: PM, शाह, राहुल और प्रियंका के दौरे का कितना असर? मतदान के आंकड़े गड़बड़ा रहे समीकरण

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में चुनावी मिजाज काफी कसा हुआ रहा है। मानो पार्टियों को पता था कि अगर थोड़ी सी भी चूक हुई या योजनाएं सही तरीके से जनता के बीच नहीं पहुंची तो पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है।‌

छत्तीसगढ़ चुनाव: PM, शाह, राहुल और प्रियंका के दौरे का कितना असर? मतदान के आंकड़े गड़बड़ा रहे समीकरण
Swati Kumariलाइव हिंदुस्तान,रायपुरTue, 21 Nov 2023 05:39 PM
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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 के बाद इस बात पर नजर डालना बहुत जरुरी है जिन नेताओं ने प्रदेश में सरकार बनाने के लिए अपनी जी जान लगाई, तमाम सभाएं की हैं। क्या उन विधानसभा सीटों पर कोई असर पड़ा है?‌ देश के दिग्गज नेताओं ने जब छत्तीसगढ़ में सभा की तो आंकड़े बढ़ने के बजाए घटे हैं।  आखिर मतदान के आकड़े‌ घटने के पीछे की क्या‌ वजह है आपको बतातें है।

छत्तीसगढ़ में चुनावी मिजाज काफी कसा हुआ रहा है। मानो पार्टियों को पता था कि अगर थोड़ी सी भी चूक हुई या योजनाएं सही तरीके से जनता के बीच नहीं पहुंची तो पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है।‌ बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने महिलाओं मुद्दे को हर बार सबसे उपर रखा है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की घोषणा होन के बाद पूरे प्रदेश की फिजा इलेक्‍शन मोड में रही। तब से लेकर चुनाव हो जाने तक बीजेपी के नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने मिलकर 20 सभाएं की‌‌‌ है। वहीं कांग्रेस से राहुल गांधी और प्रियका गांधी ने मिलकर कुल 11 सभाएं की हैं।  कांग्रेस और बीजेपी दोनों के प्रमुख 4 दिग्गजों ने महिलाओं के वोट पर कितना असर डाला है इस बात‌ को समझते हैं।‌ 


अमित शाह ने 14 जगहों पर सभाएं कि जिसमें राजनांदगांव, चंद्रपुर, बिलासपुर, बस्तर, जगदलपुर, कोंडागांव, कांकेर, कवर्धा, जशपुर, मोहला मानपुर, बेमेतरा, पंडरिया, जांजगीर-चांपा, साजा शामिल रहे है। 

अमित शाह की सभाएं

राजनांदगांव 2018 - 78347     2023 - 85091 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 70.5 फीसदी जो कि इस बार 79.13 फीसदी (बढ़ा) है। चंद्रपुर 2018- 80223        2023 - 88143  वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 75.53 फीसदी जो कि इस बार 75.38 फीसदी (घटा) है। बिलासपुर 2018 - 65800        2023- 700947 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 61.60 फीसदी जो कि इस बार 56.39 फीसदी (घटा)‌है।‌बस्तर 2018-65312     2023-72610 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 84.03फीसदी जो कि इस बार 84.67 फीसदी (बढ़ा)है। जगदलपुर 2018- 74715      2023- 84074 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 78.96 फीसदी जो कि इस बार 78.47 फीसदी (घटा) है। कोंडागांव 2018- 69939       2023- 84404 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 83.79 फीसदी जो कि इस बार 82.37 फीसदी (घटा) है। कांकेर    2018- 68227      2023-77117 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 79.20 फीसदी जो कि इस बार 81.14 फीसदी (बढ़ा) है। कवर्धा    2018-119695     2023- 135385 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 82.57 फीसदी जो कि इस बार 81.24 फीसदी (घटा) है। जशपुर   2018 - 84483     2023-90566 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 76.91 फीसदी जो कि इस बार 75.86 फीसदी (घटा) है। मोहलामानपुर 2018- 63054   2023- 68006 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 80.36 फीसदी जो कि इस बार 79.38 फीसदी (घटा) है। बेमेतरा     2018- 85559    2023- 97512 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 78.51 फीसदी जो कि इस बार 79.38 फीसदी (बढ़ा) है। पंडरिया     2018- 106012    2023- 119304  वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 77.89 फीसदी जो कि इस बार 75.27 फीसदी (घटा) है। जांजगीर-चांपा  2018- 71260   2023-78987  वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 72.41 फीसदी जो कि इस बार 75.11 फीसदी (बढ़ा) है। साजा- 2018 - 91253       2023- 103185 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 82.40 फीसदी जो कि इस बार 83.19 फीसदी (बढ़ा)


वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने 6 सभाएं कि जिसमें महासमुंद, मुंगेली, डोंगरगढ़, कांकेर, दुर्ग, विश्रामपुर शामिल रहे‌ है। 

पीएम मोदी की सभाएं‌

महासमुंद - 2018- 77707     2023- 82913 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 81.03 फीसदी जो कि इस बार 78.31 फीसदी (घटा) 

मुंगेली-    2018 - 76467     2023- 82994   वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 69.91 फीसदी जो कि इस बार 67.40 फीसदी (घटा)

डोंगरगढ़   2018- 79489      2023- 86048  वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 82.75 फीसदी जो कि इस बार 81.93 फीसदी (घटा)

कांकेर     2018- 68227      2023-77117 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 79.20 फीसदी जो कि इस बार 81.14 फीसदी (बढ़ा)

दुर्ग सिटी-   2018- 68871       2023- 76195 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 69.10 फीसदी जो कि इस बार 66.36 फीसदी (घटा)

कांग्रेस की‌ सभाएं की‌ बात‌ करें तो

राहुल गांधी ने कांग्रेस की ओर से 6 जगह सभाएं कि जिसमें बेमेतरा, बलौदा बाजार, अंबिकापुर, जशपुर, खरसिया, जगदलपुर में सभाएं की है।‌

राहुल गांधी की सभाएं

बेमेतरा 2018- 85559    2023- 97512 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 78.51 फीसदी जो कि इस बार 79.38 फीसदी (बढ़ा)

बलौदा बाजार 2018 - 96278    2023- 108746 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 76.15 फीसदी जो कि इस बार 77.72 फीसदी (बढ़ा)

अंबिकापुर  2018- 88499    2023-97494 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 79.13 फीसदी जो कि इस बार 75.64 फीसदी (घटा)

जशपुर 2018 - 84483     2023-90566  वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 76.91 फीसदी जो कि इस बार 75.86 फीसदी (घटा)

खरसिया 2018-88277     2023- 93491  वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 87.47 फीसदी जो कि इस बार 86.67 फीसदी (बढ़ा)

जगदलपुर 2018- 74715      2023- 84074  वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 78.96 फीसदी जो कि इस बार 78.47 फीसदी (घटा)

वहीं प्रियंका गांधी ने 5 जगह सभाएं रायपुर, कुरुद, बालोद, बिलासपुर, खैरागढ़ में सभाएं ली है।‌

प्रियंका गांधी की सभाएं

रायपुर सिटी- (पश्चिम, उत्तर, दक्षिण) - 2018- 197607       2023-214468 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 57.24 फीसदी जो कि इस बार 60.86 फीसदी (घटा)


कुरुद- 2018- 85318     2023- 93618 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा-88.89 फीसदी जो कि इस बार 90.17 फीसदी (बढ़ा)

संजारी बालोद (बालोद) 2018 - 88413          2023- 96819 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा-84.30 फीसदी जो कि इस बार 84.83 फीसदी (बढ़ा)

बिलासपुर 2018 में  65800 और 2023 में 700947 ज्यादा वोट हुए वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 61.60 फीसदी जो कि इस बार 56.39 फीसदी (घटा)

खैरागढ़  2018- 84177     2023- 90996 वहीं 2018 में वोटिंग प्रतिशत रहा- 84.59 फीसदी जो कि इस बार 83.67 फीसदी (घटा)

इन पूरे आकडे को समझेंगे तो यह नजर आता है कि बड़े-बड़े नेताओं के दौरे से वोटिंग प्रतिशत में कुछ ज्यादा खास अंतर देखने को नहीं मिला है। अगर वोटिंग परसेंटेज में अंतर पड़ा भी होगा तो उससे जीत और हर के फैसला तय नहीं किया जा सकते हैं।‌ इन्हें कुछ इस तरह समझा जा सकता है कि मोदी की सभा के बाद 4 जगह वोटिंग प्रतिशत घटा और एक जगह बढा है। अमित शाह की सभा के बाद 9 जगह घटा और  5 जगह बढ़ा‌ है। वहीं राहुल गांधी की सभा के बाद 3 जगह आंकडे बढ़े और 3 जगह घटे हैं। इसके साथ ही प्रियंका गांधी की सभाओं के बाद वोटिंग का आंकड़ा 3 जगह घटा और 2 जगह ही बढ़ा है।