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नक्सल बुलेट खामोश, अब बैलेट की ताकत; छत्तीसगढ़ में यहां 23 साल बाद वोटिंग

इसकी भी सुनी, उसकी भी सुनी और अब जनता अपना फैसला सुना रही है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 20 सीटों पर मतदान हो रहा है। सुकमा के कारीकुंडम में 23 साल बाद वोटिंग हो रही है।

नक्सल बुलेट खामोश, अब बैलेट की ताकत; छत्तीसगढ़ में यहां 23 साल बाद वोटिंग
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,रायपुरTue, 07 Nov 2023 09:38 AM
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इसकी भी सुनी, उसकी भी सुनी और अब जनता अपना फैसला सुना रही है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 20 सीटों पर मतदान हो रहा है। कड़ी सुरक्षा के बीच नक्सल प्रभावित बस्तर में सुबह से ही बूथों पर लंबी कतार है। सुकमा में नक्सलियों ने सुबह आईईडी धमाका करके खौफ पैदा करने की कोशिश जरूर की, लेकिन बुलेट पर बैलेट भारी पड़ता दिख रहा है। सुकमा के कारीगुंडम इलाके में 23 साल बाद मतदान हो रहा है। सीआरपीएफ 150 बटालियन और जिला बल के सुरक्षा घेरे में यहां शांतिपूर्वक मतदान हो रहा है।

पहले चरण की 10 सीटों पर सुबह 7 बजे और अन्य 10 सीटों पर सुबह 8 बजे मतदान शुरू हुआ। सुबह 9 बजे तक 9.33 फीसदी मतदान हो चुका था। पहले चरण में 25 महिलाओं सहित 223 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 40,78,681 मतदाता कर रहे हैं। इनमें 19,93,937 पुरुष, 20,84,675 महिला वोटर्स हैं। 69 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। 

मतदान शुरू होने के बाद से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतार देखी जा सकती है। मतदान के शुरुआती एक घंटे के भीतर ही कोंडागांव से कांग्रेस प्रत्याशी और मंत्री मोहन मरकाम और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी और पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य की नारायणपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है तथा कोंटा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी और मंत्री कवासी लखमा ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
     
नारायणपुर क्षेत्र में भाजपा नेता रतन दुबे के परिजनों ने भी मतदान में हिस्सा लिया। चुनाव प्रचार के दौरान चार नवंबर को नक्सलियों ने दुबे की हत्या कर दी थी। दुबे के पिता ने कहा कि बेटे ने पार्टी के लिए बलिदान दिया है। मतदान केंद्र पर रतन दुबे की पत्नी और पुत्री भी मतदान करने पहुंची। नक्सलियों ने क्षेत्र में चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण के मतदान के लिए 5,304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं तथा 25,249 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है।

अधिकारियों ने कहा, 'नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के 9 विधानसभा क्षेत्रों और एक अन्य माओवाद प्रभावित मोहला-मानपुर निर्वाचन क्षेत्र में मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ जो दोपहर तीन बजे समाप्त होगा। अन्य 10 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह 8 बजे शुरू हुआ जो  शाम पांच बजे समाप्त होगा। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित 10 निर्वाचन क्षेत्रों मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा में मतदान का समय सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक है।
     
शेष दस विधानसभा क्षेत्रों खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर, चित्रकोट, पंडरिया और कवर्धा में मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम पांच बजे तक है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 12 विधानसभा क्षेत्रों वाले बस्तर संभाग में शांतिपूर्ण मतदान के लिए लगभग 60 हजार जवानों को तैनात किया गया है। जिनमें से 40 हजार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के और 20 हजार राज्य पुलिस के जवान हैं। उन्होंने बताया कि पहले चरण के मतदान के लिए लगभग एक लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से बस्तर संभाग के पांच विधानसभा क्षेत्रों के 149 मतदान केंद्रों को नजदीकी पुलिस स्टेशन और सुरक्षा शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन और हेलीकॉप्टर के माध्यम से नक्सली गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। बम निरोधक दस्ता और श्वान दल को भी सुरक्षा में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण की 20 सीटों में से 12 अनुसूचित जनजाति के लिए और एक अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। सबसे अधिक उम्मीदवार राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्र (29) में हैं, जबकि सबसे कम उम्मीदवारों की संख्या चित्रकोट और दंतेवाड़ा सीटों पर सात-सात है।

पहले चरण में कांग्रेस से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सांसद दीपक बैज (चित्रकोट सीट), मंत्री कवासी लखमा (कोंटा), मोहन मरकाम (कोंडागांव), मोहम्मद अकबर (कवर्धा) और दिवंगत कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा (दंतेवाड़ा) प्रमुख उम्मीदवारों में से हैं। वहीं भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह (राजनांदगांव), राज्य के चार पूर्व मंत्री केदार कश्यप (नारायणपुर), लता उसेंडी (कोंडागांव), विक्रम उसेंडी (अंतागढ़) और महेश गागड़ा (बीजापुर) तथा पूर्व आईएएस अधिकारी नीलकंठ टेकाम (केशकाल) प्रमुख उम्मीदवार हैं।

कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ ओबीसी नेता और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन को राजनांदगांव से रमन सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा है। राज्य में चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी को भानुप्रतापपुर सीट से मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस विधायक अनूप नाग, जिन्हें पार्टी ने टिकट देने से इनकार कर दिया था, अपनी मौजूदा अंतागढ़ सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा की शेष 70 सीटों पर दूसरे चरण में 17 नवंबर को मतदान होगा।

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