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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार, 54 सीटों पर जीत के साथ BJP बनाएगी सरकार, आदिवासी समाज ने जमकर दिया साथ

chhattisgarh assembly elections result 2023: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 54 सीटों पर जीत हासिल कर कांग्रेस से सत्ता छीन ली है। कांग्रेस को इस चुनाव में 35 सीटों से संतोष करना पड़ा है।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार, 54 सीटों पर जीत के साथ BJP बनाएगी सरकार, आदिवासी समाज ने जमकर दिया साथ
Krishna Singhभाषा,रायपुरMon, 04 Dec 2023 12:55 AM
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 54 सीटों पर ऐतिहासिक जीत हासिल कर कांग्रेस से सत्ता छीन ली है। कांग्रेस को इस चुनाव में 35 सीटों से संतोष करना पड़ा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को एक सीट मिली है। साल 2018 के चुनावों में कांग्रेस को 68 सीटें मिली थीं। निर्वाचन आयोग के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आदिवासी बहुल उत्तर क्षेत्र सरगुजा और दक्षिण क्षेत्र बस्तर ने इस बार जमकर भाजपा का साथ दिया है।

बघेल ने छोड़ा पद, राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा
पार्टी की हार के बाद भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। बघेल ने राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने राजभवन के बाहर संवाददाताओं से कहा- मैं लोगों के जनादेश का सम्मान करता हूं। कांग्रेस विपक्ष में सकारात्मक भूमिका निभाएगी। हार के कारणों की समीक्षा होगी। भाजपा को लोगों का जनादेश मिला है। मैं उन्हें बधाई देता हूं।

दिग्गज जीते
बघेल ने भाजपा के विजय बघेल को 19,723 वोटों से हराकर अपनी पाटन विधानसभा सीट से जीत का सिलसिला बरकरार रखा है। इधर भाजपा के उम्मीदवार पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह, सांसद गोमती साय समेत अन्य वरिष्ठ नेता चुनाव जीत गए हैं।

मात्र 94 मतों से हारे टीएस सिंहदेव
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव अंबिकापुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के राजेश अग्रवाल से मात्र 94 मतों से हार गए हैं। 2018 के चुनाव में सिंहदेव ने भाजपा के अनुराग सिंह देव को 39,624 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी। सिंहदेव के साथ ही राज्य के नौ मंत्री भी चुनाव हार गए हैं।

आदिवासी बहुल इलाकों ने जमकर दिया भाजपा का साथ
आदिवासी बहुल सरगुजा और बस्तर संभाग की 26 सीटों में से ज्यादातर सीटें इस चुनाव में भाजपा के पास चली गई हैं। इस क्षेत्र ने 2018 में कांग्रेस की शानदार जीत में बड़ा योगदान दिया था।

पिछली बार कांग्रेस के पक्ष में किया था वोट
साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने सरगुजा संभाग में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नौ सहित सभी 14 सीटें जीती थीं। बस्तर संभाग में 12 सीटें हैं जिनमें से 11 एसटी के लिए आरक्षित हैं। 2018 के चुनावों में कांग्रेस ने इन 12 सीटों में से 11 सीट पर जीत दर्ज की थी जबकि भाजपा केवल दंतेवाड़ा में जीतने में सफल रही थी।

भाजपा ने सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटें जीती
कांग्रेस 2018 में 90 सदस्यीय विधानसभा में 68 सीटों पर जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने तब भाजपा का 15 साल का शासन समाप्त कर दिया था। भाजपा सिर्फ 15 सीटों पर सिमट गई थी। 2023 के चुनाव में जिसके नतीजे रविवार को घोषित किए गए, भाजपा ने सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटें जीत ली हैं।

इन सीटों पर फहराया परचम
भाजपा ने अंबिकापुर, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, प्रेमनगर, प्रतापपुर, रामानुजगंज, सामरी, लुंड्रा, सीतापुर, जशपुर, कुनकुरी, भटगांव, भरतपुत-सोनहत और पत्थलगांव सीट से जीत हासिल की है।

प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के नारे के साथ प्रचार
भाजपा ने चुनाव से पहले घोषणा पत्र जारी किया और उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के रूप में प्रचारित भी किया। इस प्रचार ने आदिवासी बहुल राज्य को पार्टी के पक्ष में करने का काम किया और पार्टी प्रचंड बहुमत हासिल करने में सफल रही।

पिछली हार से लिया सबक
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ मजबूत सत्ता विरोधी लहर और मुफ्त तथा कल्याणकारी योजनाओं के वादों के दम पर भारी जीत दर्ज की थी। वहीं भाजपा ने ऐसा नहीं किया था। इस बार भाजपा ने अपनी गलती को सुधारने का काम किया है। 

भाजपा ने किए लोकलुभावन वादे
भाजपा ने इस बार अपने घोषणा पत्र में लोकलुभावन वादे किए हैं, जिसमें प्रति एकड़ 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल धान की खरीद और महतारी वंदन योजना के तहत विवाहित महिलाओं को 12 हजार रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता शामिल है।

अंदरूनी खींचतान थामी फिर भी हार
राज्य में चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी यहां खेमों में बंटी हुई नजर आ रही थी। लेकिन कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य प्रतिद्वंद्वी टीएस सिंहदेव को जून माह में उपमुख्यमंत्री बनाकर मतभेदों को कम करने की कोशिश की। वहीं भाजपा ने पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा।

पीएम मोदी बोले- जनता सुशासन के साथ
छत्तीसगढ़ में भाजपा को चुनने के लिए जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नतीजे संकेत देते हैं कि भारत की जनता मजबूती से सुशासन और विकास की राजनीति के साथ है। वहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा- छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा जताया है। छत्तीसगढ़ में सात और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान हुआ था। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा के 15 साल के सफर को खत्म कर दिया था और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने थे। 

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