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CGPSC Recruitment Scam : सीबीआई ने छत्तीसगढ़ पीएससी भर्ती घोटाले में दर्ज की FIR, राज्य में कई जगह छापेमारी

CGPSC Recruitment Scam : सीबीआई ने छत्तीसगढ़ पीएससी भर्ती घोटाले में दर्ज की FIR, राज्य में कई जगह छापेमारी

संक्षेप:

सीबीआई ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में हुए कथित घोटाले की जांच अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई ने इस संबंध में सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और अन्य के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की है।

Jul 16, 2024 09:20 am ISTPraveen Sharma नई दिल्ली। भाषा,
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सीबीआई ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में हुए कथित घोटाले की जांच सोमवार को अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई ने सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और अन्य के खिलाफ 'भाई-भतीजावाद' रैकेट के संबंध में एक एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि राज्य में कांग्रेस शासन के दौरान नेताओं, पीएससी अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के परिवार के अयोग्य सदस्यों को आकर्षक सरकारी नौकरियों में भर्ती किया गया था।

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अधिकारियों ने बताया कि सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव और एक परीक्षा नियंत्रक पर उनके बेटों, बेटियों, रिश्तेदारों और परिचितों को डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी एसपी और ऐसे अन्य पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने के लिए मेरिट लिस्ट में आगे बढ़ाने में मदद करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

सीबीआई ने रायपुर और भिलाई में की छापेमारी

आरोप है कि 2022 सीजीपीएससी परीक्षा में हेराफेरी हुई, जिसके परिणाम 11 मई 2023 को घोषित किए गए थे। सीबीआई ने सोमवार को रायपुर और भिलाई में सोनवानी, ध्रुव और अन्य के आवासीय परिसरों पर छापेमारी की।सीबीआई ने छत्तीसगढ़ सरकार के 16 फरवरी के एक संदर्भ पर जांच अपने हाथ में ली।

सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि प्रक्रिया के अनुसार, एजेंसी ने एफआईआर फिर से दर्ज की, जिसकी जांच पहले राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने की थी। छत्तीसगढ़ में नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों और राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं सहित प्रमुख नेताओं के परिवार के सदस्य भर्ती के मुख्य लाभार्थी थे। इसमें आरोप लगाया गया है कि सोनवानी के परिवार के पांच सदस्य भर्ती प्रक्रिया में लाभार्थी थे। इनमें बेटा नितेश और बहू निशा कोसले डिप्टी कलेक्टर, बड़े भाई का बेटा साहिल डिप्टी एसपी, बहू दीपा आदिल जिला आबकारी अधिकारी और बहन की बेटी सुनीता जोशी श्रम अधिकारी के पद पर नियुक्त हुए।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, "यह भी आरोप लगाया गया है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के तत्कालीन सचिव (ध्रुव) ने अपने बेटे (सुमित) को उप जिलधिकारी के पद पर चयनित कराया।’’

सीबीआई की एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मेरिट लिस्ट सूची में सीरियल नंबर 1-171 जगह बनाने वाले अभ्यर्थी कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों, नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े हैं।

इसमें डिप्टी कलेक्टरों की लिस्ट दी गई है जिनमें- छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार के बेटे निखिल और बेटी नेहा, बस्तर नक्सल अभियान के डीआईजी पी.एल. ध्रुव की बेटी साक्षी, कांग्रेस के एक नेता की बेटी अनन्या अग्रवाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुधीर कटियार की बेटी भूमिका कटियार और दामाद शशांक गोयल, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला की बेटी स्वर्णिम शुक्ला और कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के पुत्र राजेंद्र कुमार कौशिक शामिल हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेताओं के सहयोगियों के रिश्तेदार, जिनमें प्रज्ञा नायक, जिसका चयन डिप्टी कलेक्टर के रूप हुआ था, प्रखर नायक जिसका चयन वित्तीय सेवा अधिकारी के रूप में हुआ था और खुशबू बिजौरा जिसका चयन डिप्टी कलेक्टर के रूप में हुआ था, ये सभी कथित घोटाले के लाभार्थी थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यदि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के किसी अधिकारी के रिश्तेदार परीक्षा में बैठते हैं, तो संबंधित व्यक्ति को आयोग के अन्य सदस्यों और अधिकारियों को सूचित करने के बाद खुद को इस प्रक्रिया से अलग करना होता है, जो सोनवानी ने नहीं किया।

आरोप है कि सोनवानी ने नियमों का उल्लंघन किया और अपने परिवार के सदस्यों और अन्य अधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों के रिश्तेदारों का चयन किया, जिसे भ्रष्टाचार माना जाता है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि "परीक्षा में अच्छे नंबर लाने वाले अभ्यर्थी पीएससी अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और नेताओं के रिश्तेदार हैं। यह भी आरोप लगाया गया है कि अभ्यर्थियों को पहले से ही परीक्षा का पेपर उपलब्ध करा दिया गया था, जिससे उन्हें अच्छे अंक मिले और परिणामों में अच्छी रैंक मिली।"

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma

प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। करीब डेढ़ दशक से हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं। एक दशक से भी अधिक लंबा समय वह डिजिटल मीडिया में बिता चुके हैं।


प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी। इसके बाद वह थोड़े समय नेशनल दुनिया अखबार में भी रहे। वहां से निकलकर उन्होंने मार्च 2014 में न्यूज 18 के साथ डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 2018 में वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े।


वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। इन्हें डिजिटल रीडर्स की पसंद और बदलते ट्रेंड्स को समझकर गहराई और सटीकता के साथ खबरें लिखने का अच्छा खासा अनुभव है। वह सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखते हैं। उन्हें राजनीतिक विषयों पर खबरें लिखने और पढ़ने का शौक है।


प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है।

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