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Hindi News छत्तीसगढ़सटीक इनपुट, तगड़ा कोऑर्डिनेशन; 29 नक्सलियों को ढेर करने में कैसे मिली कामयाबी?

सटीक इनपुट, तगड़ा कोऑर्डिनेशन; 29 नक्सलियों को ढेर करने में कैसे मिली कामयाबी?

Chhattisgarh 29 Maoists killed in Kanker: छत्तीसगढ़ के कांकेर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में कम से कम 29 नक्सली मारे गए हैं। सुरक्षा बलों ने कैसे चलाया ऑपरेशन जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट...

सटीक इनपुट, तगड़ा कोऑर्डिनेशन; 29 नक्सलियों को ढेर करने में कैसे मिली कामयाबी?
Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,कांकेरTue, 16 Apr 2024 09:19 PM
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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक अभूतपूर्व ऑपरेशन को अंजाम दिया। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि कांकेर जिले के छोटेबेठिया पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत हापाटोला गांव के जंगल में एक तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान नक्सलियों की ओर से हमला किया गया जिसके जवाब में अंजाम दी गई कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने 29 नक्सलियों को मार गिराया। इस रिपोर्ट में जानें इस ऑपरेशन को कैसे अंजाम दिया गया...

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि सुरक्षाबलों को एक तगड़ा खुफिया इनपुट मिला था कि उत्तरी बस्तर डिवीजन के नक्सली शंकर, ललिता, राजू समेत अन्य माओवादी माओवादियों के छोटेबेठिया पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीनागुंडा और कोरोनार गांवों के मध्य हापाटोला गांव के आसपास मौजूद हैं। इस खुफिया जानकारी के बाद छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में बीएसएफ और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की संयुक्त टीम एक्टिव हुई। यह टीम तलाशी अभियान पर रवाना हुई। 

यह टीम मंगलवार को दोपहर लगभग दो बजे हापाटोला गांव के जंगल में बेहद सधे कदमों से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसमें 29 नक्सली मारे गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल से 29 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। नक्सलियों के पास से एके-47 राइफल, एसएलआर राइफल, इंसास राइफल और 303 बंदूकों समेत भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद किए गए हैं। 

बताया जाता है कि मुठभेड़ में तीन जवान भी घायल हुए हैं। हालांकि जवानों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। गौर करने वाली बात यह कि चुनावी माहौल को देखते हुए नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में बड़ी संख्या में बीएसएफ के जवानों की तैनाती की गई थी। बताया जाता है कि ऑपरेशन में बीएसएफ और डीआरजी के बीच तगड़ा कोऑर्डिनेशन देखने को मिला। यह भी माना जा रहा है कि शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सुरक्षाबलों के बीच इस तरह का तगड़ा तालमेल बेहद कारगर साबित होगा।

गौरतलब है कि यह घटनाक्रम छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंस से कुछ दिन पहले आया है। बस्तर लोकसभा क्षेत्र में 19 अप्रैल को पहले चरण के तहत वोट डाले जाएंगे। कांकेर में 26 अप्रैल को दूसरे चरण के तहत राजनांदगांव और महासमुंद के साथ मतदान होगा। दिसंबर 2023 से कांकेर समेत सात जिलों वाले बस्तर रीजन में सुरक्षा बलों के साथ विभिन्न मुठभेड़ों में अब तक 68 नक्सली ढेर हो चुके हैं। सनद रहे हाल ही में एक रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खात्मे की डेड लाइन दी थी।

कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में उग्रवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस लगातार नक्सलियों की मौजूदगी और उनकी रणनीतियों के बारे में खुफिया जानकारी जुटाने में लगी है। नक्सली महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ (एमएमसी-जोन) के ट्राई-जंक्शन जंगल में अपना नया बेस स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्राई-जंक्शन जंगल में बालाघाट (मध्य प्रदेश), गोंदिया (महाराष्ट्र) और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, मुंगेली और कबीरधाम जिले शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने नक्सलियों की गिरफ्तारी या उनके खात्म में सुरक्षा बलों की मदद करने वालों को पांच लाख रुपये का नकद इनाम और नौकरी देने का ऐलान किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि ईनाम की यह रकम किसी भी नक्सली पर राज्य/केंद्र सरकार की ओर से घोषित इनाम के अलावा होगी। सुरक्षा बलों की मदद करने वालों को आरक्षक के रूप में भर्ती भी किया जाएगा। यही नहीं नक्सलियों को सरेंडर कराने के लिए राजी करने पर भी नकद इनाम दिया जाएगा।

(पीटीआई, एएनआई और यूनिवार्ता के इनपुट पर आधारित रिपोर्ट)