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विष्णुदेव साय को 'बड़ा आदमी' बनाऊंगा... क्या था अमित शाह का वह वादा, जो आज हुआ पूरा

एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मतदाताओं से विष्णु देव साय को विधायक चुनने का आग्रह किया था और वादा किया था कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है तो साय को 'बड़ा आदमी' बना दिया जाएगा।

विष्णुदेव साय को 'बड़ा आदमी' बनाऊंगा... क्या था अमित शाह का वह वादा, जो आज हुआ पूरा
Mohammad Azamभाषा,रायपुरSun, 10 Dec 2023 09:31 PM
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चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के चुनावी कार्यक्रमों का ऐलान कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पांचों राज्यों में जीत के लिए तैयारियां शुरू कर दी थीं। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। छत्तीसगढ़ की कुनकुरी विधानसभा सीट पर शाह ने विष्णुदेव साय के लिए चुनाव प्रचार किया था। प्रचार के दौरान अमित शाह ने कुनकुरी की जनता से एक बड़ा वादा किया था। कुनकुरी की जनता से किया हुआ शाह का वो बड़ा वादा आज पूरा हो गया है। आइये जानते हैं क्या था वो वादा...

छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख आदिवासी चेहरे विष्णु देव साय राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें रविवार को यहां पार्टी के 54 नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक के दौरान विधायक दल का नेता चुना गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले महीने कुनकुरी निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मतदाताओं से विष्णु देव साय को विधायक चुनने का आग्रह किया था और वादा किया था कि अगर पार्टी राज्य में सत्ता में आती है तो साय को 'बड़ा आदमी' बना दिया जाएगा।

हाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 54 सीट जीती हैं। कांग्रेस ने 2018 के पिछले चुनाव में 68 सीट जीती थी, इस बार वह 35 सीट पर सिमट गई। साल 2018 में भाजपा को आदिवासी बहुल सीट पर भारी झटका लगा था, लेकिन पार्टी ने इस बार अच्छा प्रदर्शन करते हुए अनुसूचित जनजाति (एसटी) उम्मीदवारों के लिए आरक्षित 29 में 17 सीट जीत लीं। 

भाजपा ने आदिवासी बहुल सरगुजा क्षेत्र में सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों और एक अन्य आदिवासी क्षेत्र बस्तर में 12 में से आठ सीट पर जीत हासिल की है। दो आदिवासी क्षेत्रों में भाजपा की व्यापक विजय ने विधानसभा चुनावों में उसकी शानदार जीत और पांच साल के अंतराल के बाद राज्य में सत्ता में वापसी में योगदान दिया। विष्णु देव साय ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत एक गांव के सरपंच के रूप में की थी। उन्होंने पार्टी में महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों को प्राप्त करते हुए केंद्रीय मंत्री और लोकसभा सांसद भी बने।

विष्णु देव साय ने तीन बार भाजपा की छत्तीसगढ़ इकाई का नेतृत्व किया है, जो उनके संगठनात्मक कौशल में केंद्रीय नेतृत्व के विश्वास को दर्शाता है। एक गुमनाम गांव के सरपंच के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले विष्णु देव साय तेजी से आगे बढ़े और 2014 में केंद्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली मंत्रिपरिषद के सदस्य बने। विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले के एक छोटे से गांव बगिया के एक किसान परिवार से हैं और राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। विष्णु देव साय के दादा स्वर्गीय बुधनाथ साय 1947 से 1952 तक मनोनीत विधायक थे। उनके बड़े पिता जी (उनके पिता के बड़े भाई) स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साय जनसंघ (भाजपा के पूर्ववर्ती) के सदस्य थे। वह (नरहरि प्रसाद साय) दो बार ( 1962-67 और 1972-77) विधायक रहे तथा सांसद (1977-79) के रूप में चुने गए। उन्होंने जनता पार्टी सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था। विष्णु देव साय के पिता के एक अन्य बड़े भाई केदारनाथ साय भी जनसंघ के सदस्य थे और तपकारा से विधायक (1967-72) चुने गए थे।

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