बस्तर में नया सवेरा; जन सेवा केंद्र में बदलेंगे 70 सुरक्षा कैंप, मिलेंगी क्या सुविधाएं?

Krishna Bihari Singh एएनआई, बस्तर
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा कैंप को पहले 'जन सेवा केंद्र' में बदला, जो आधार, बैंकिंग और सरकारी योजनाएं प्रदान करेगा। अगले डेढ़ साल में ऐसे 70 कैंप जन सेवा केंद्र में बदलेंगे।  

बस्तर में नया सवेरा; जन सेवा केंद्र में बदलेंगे 70 सुरक्षा कैंप, मिलेंगी क्या सुविधाएं?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहले सुरक्षा कैंप को जन सेवा केंद्र में बदलाए जिसका उद्देश्य नक्सलवाद के खात्मे के बाद विकास की नई शुरुआत करना है। अगले डेढ़ साल में ऐसे 70 और केंद्र बनाए जाएंगे जो आधार अपडेट, बैंकिंग, राशन कार्ड और आयुष्मान भारत जैसी सरकारी सेवाएं सीधे जनता तक पहुंचाएंगे। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन इसके लिए मॉडल तैयार कर रहा है। ये केंद्र स्थानीय आदिवासियों को डेयरीए सहकारी समिति और स्वरोजगार के लिए कौशल भी सिखाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सुरक्षा कैंप से जन सेवा केंद्र में बदले गए पहले केंद्र का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, नक्सलवाद से मुक्त घोषित इस राज्य में विकास का दौर शुरू हो गया है। अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद से लड़ने के लिए बनाए गए सुरक्षाबलों के कुल 196 कैंपों में से 70 को अगले डेढ़ साल में जन सेवा केंद्रों में बदल दिया जाएगा।शाह ने कहा कि मैं वादा करता हूं कि अगले डेढ़ साल के भीतर हम रायपुर में बैठी सरकार को आपके दरवाजे तक ले आएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम बस्तर 2.0 रोडमैप की शुरुआत का प्रतीक है। इस रोडमैप के तहत सुरक्षा कैंपों को जन कल्याण के कामों के लिए फिर से इस्तेमाल किया जाएगा। यह केंद्र और राज्य सरकारों की एक जरूरी कार्ययोजना है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन को इन सेवा कैंपों के लिए एक मॉडल तैयार करने का काम सौंपा गया है। ये कैंप ना केवल जनता को सभी तरह की सरकारी सेवाएं मुहैया कराएंगे वरन लोगों को स्वरोजगार के लिए ट्रेनिंग भी देंगे। बस्तर क्षेत्र के आदिवासियों के लिए डेयरी और एक सहकारी समिति मॉडल विकसित किया जाएगा।

ये सुविधाएं मिलेंगी

अधिकारियों ने बताया कि जन सुविधा केंद्र लोगों के लिए एक कॉमन सर्विस सेंटर की तरह काम करेगा। यह केंद्र आधार अपडेट, बैंकिंग सुविधाएं, आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन, राशन कार्ड सेवाएं, आयुष्मान भारत कार्ड, ई-श्रम पंजीकरण, बिजली बिल का भुगतान, ऑनलाइन आवेदन और रेल व बस टिकट बुकिंग जैसी सेवाएं मुहैया कराएगा। राज्य सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि ये केंद्र स्वयं सहायता समूहों की मदद से स्थानीय लोगों को आजीविका से जुड़े अलग-अलग तरह के कौशल भी सिखाएंगे। जन सुविधा केंद्र की यह पहल उन गांवों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जहां लोगों को बुनियादी सरकारी योजनाओं या सेवाओं का लाभ उठाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

400 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी

केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में इमरजेंसी मदद के लिए सीजी डायल 112 इमरजेंसी सेवा को और मजबूत करने के लिए 400 नई गाड़ियां और 32 मोबाइल फॉरेंसिक लैब वैन को हरी झंडी दिखाई। एक अधिकारी ने बताया कि इन 400 नई गाड़ियों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, डैश कैमरे और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। यह सेवा दिन-रात यानी 24 घंटे काम करेगी। लोग मदद पाने के लिए फोन कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेबसाइट, व्हाट्सऐप, चैटबॉट या एसओएस-112 इंडिया मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी सहायता मांग सकेंगे।

वैन में होंगी ये सुविधाएं

लगभग 65 लाख रुपये की लागत वाली हर वैन में अपराध वाली जगह की सुरक्षा किट, सबूत इकट्ठा करने, फिंगरप्रिंट पहचानने वाले सिस्टम, नशीले पदार्थों की जांच किट, डिजिटल फोरेंसिक सहायता सिस्टम, अच्छी क्वालिटी के फोटोग्राफी उपकरण, बैलिस्टिक जांच किट और गोली के अवशेषों की जांच की सुविधाएं मौजूद हैं।

(पीटीआई-भाषा के इनपुट के साथ)

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कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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