
नक्सलवाद को एक और बड़ा झटका, हिडमा की मौत के बाद अब एक और टॉप कमांडर ने किया सरेंडर
लाल आतंक के सफाए में जुटे सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। टॉप माओवादी सैन्य कमांडर बर्से देवा उर्फ साईनाथ ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेश बी. शिवधर रेड्डी के सामने सरेंडर कर दिया है।
नक्सलवाद के सफाए में जुटे सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। टॉप माओवादी सैन्य कमांडर बर्से देवा उर्फ साईनाथ ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेश बी. शिवधर रेड्डी के सामने सरेंडर कर दिया है। देवा पर 25.47 लाख का इनाम था और फिलहाल में वह तेलंगाना पुलिस की हिरासत में है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, देवा ने अपने 15-17 कैडरों के साथ गुरुवार शाम छत्तीसगढ़ से तेलंगाना में प्रवेश किया था, जिसके बाद उन्हें हैदराबाद लाया गया। वह माओवादी संगठन की सबसे महत्वपूर्ण लड़ाकू यूनिट 'बटालियन नंबर 1' का प्रभारी था और 2021 से क्षेत्रीय क्षेत्रीय समिति सदस्य (AZCM) के पद पर तैनात था।
बर्से देवा, टॉप नक्सली कमांडर माड़वी हिडमा का बेहद करीबी सहयोगी था, जो नवंबर 2025 में एक मुठभेड़ के दौरान मारा गया था। हिडमा की मौत के बाद, देवा ने पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) के प्रमुख के रूप में माओवादी पार्टी के सशस्त्र अभियानों की कमान संभाली थी। ये दोनों सुकमा के पुवर्ती गांव के रहने वाले थे, जो दशकों तक माओवादियों का गढ़ रहा।
इन दोनों ने साथ मिलकर कई घटनाओं की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया। इनमें 2013 के दरभा घाटी हमले और 2021 के सुकमा-बीजापुर हमले जैसी बड़ी नक्सली घटनाएं भी शामिल हैं। हिडमा की मौत के बाद देवा मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर में से एक था।
अधिकारियों का कहना है कि देवा हथियारों की खरीद, रसद और बस्तर के जंगलों में सशस्त्र दस्तों के समन्वय का मुख्य सूत्रधार था। सरेंडर के समय पुलिस ने उसके पास से एक लाइट मशीन गन (LMG) भी बरामद की है। हिड़मा की मौत के बाद, देवा को माओवादी पदानुक्रम में सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक माना जाता था। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, लगातार हो रही नक्सल विरोधी अभियानों के चलते देवा की 'बटालियन नंबर 1' काफी कमजोर हो गई थी।

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Aditi Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




