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ममता बनर्जी संविधान पर नियंत्रण चाहती हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए: छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM

ममता बनर्जी संविधान पर नियंत्रण चाहती हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए: छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM

संक्षेप:

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गिरफ्तार करने की मांग की है। शर्मा ने कहा कि वह संविधान पर नियंत्रण चाहती हैं। वह सभी संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर होना चाहती हैं। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

Jan 09, 2026 01:18 pm ISTSubodh Kumar Mishra एएनआई, रायपुर
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छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गिरफ्तार करने की मांग की है। शर्मा ने कहा कि वह संविधान पर नियंत्रण चाहती हैं। वह सभी संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर होना चाहती हैं। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

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छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की निंदा की। कहा कि उन्होंने कथित तौर पर राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी के कार्यालयों में ईडी के सर्च ऑपरेशन में बाधा डाली। उन्होंने ममता बनर्जी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और आधिकारिक जांच में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार करने की मांग की।

सभी संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर होना चाहती हैं

मीडिया से बात करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि ममता बनर्जी संविधान पर नियंत्रण चाहती हैं। वह सभी संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर होना चाहती हैं। यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। संविधान सर्वोपरि है। राष्ट्र की आस्था सर्वोपरि है। भले ही एक नहीं बल्कि सौ ममता बनर्जी हों, संस्थाओं का कामकाज नहीं रुकेगा। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

जांच को रोकने की एक प्रक्रिया होती है

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आगे कहा कि चल रही जांच को रोकने की एक प्रक्रिया होती है और आपत्तियां उठाने का एक विशिष्ट तरीका होता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री द्वारा जांच में कथित रूप से बाधा डालने के तरीके पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जांच को रोकने की एक प्रक्रिया है। आपत्तियां उठाने का एक तरीका है। लेकिन, क्या आप चल रही आधिकारिक जांच के दौरान इस तरह की बाधा उत्पन्न करेंगे।

ममता ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाया

गुरुवार को पश्चिम बंगाल में उस समय जबरदस्त राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी के कार्यालयों का दौरा किया। यह सब तब हुआ जब ईडी कोयला तस्करी मामले के सिलसिले में सर्च ऑपरेशन चला रहा था।ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी ने पार्टी से संबंधित सामग्री जब्त कर ली हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

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बंगाल चाहिए तो चुनाव लड़िए और जीतिए

पत्रकारों से बात करते हुए ममता ने कहा कि क्या पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की सूची जब्त करना ईडी और अमित शाह का काम है? भाजपा और अमित शाह को सीधी चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें पश्चिम बंगाल आकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अगर अमित शाह को बंगाल चाहिए तो आइए लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़िए और जीतिए।

आई-पीएसी कोई निजी संगठन नहीं

ममता बनर्जी ने दावा किया कि आई-पीएसी कोई निजी संगठन नहीं बल्कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के लिए काम करने वाली एक अधिकृत टीम है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) से संबंधित डेटा सहित संवेदनशील दस्तावेज जब्त किए हैं।

ईडी ने आरोपों का खंडन किया

उधर, ईडी ने मुख्यमंत्री के आरोपों का खंडन किया है। ईडी ने ममता बनर्जी पर चल रहे तलाशी अभियान के दौरान आई-पीएसी के निदेशक प्रतीक जैन के आवास में घुसकर महत्वपूर्ण सबूत ले जाने का आरोप लगाया। एक बयान में एजेंसी ने कहा कि मुख्यमंत्री और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के आने तक तलाशी शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से की गई।

आई-पीएसी भी हवाला के पैसों से जुड़ा संगठन

अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए ईडी ने कहा कि तलाशी सबूतों पर आधारित है। किसी भी राजनीतिक संगठन को लक्षित नहीं करती। किसी भी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई है। तलाशी किसी भी चुनाव से संबंधित नहीं है और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित कार्रवाई का हिस्सा है। एजेंसी ने कहा कि 8 जनवरी 2026 को पीएमएलए के तहत की गई तलाशी कोयला तस्करी से प्राप्त रकम से जुड़ा था। एजेंसी ने बताया कि आई-पीएसी भी हवाला के पैसों से जुड़े संगठनों में से एक है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra
सुबोध कुमार मिश्रा लाइव हिन्दुस्तान में दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों की गतिविधियों पर लिखते हैं। 17 साल से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सेवाएं दे रहे सुबोध ने यूं तो डीडी न्यूज से इंटर्नशिप कर मीडिया में प्रवेश किया था, लेकिन पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत दैनिक जागरण, जम्मू से बतौर ट्रेनी 2007 में की। वह कई मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। वह दैनिक जागरण, नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स, अमर उजाला और हिन्दुस्तान अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल का अनुभव रखने वाले सुबोध मूलरूप से बिहार के छपरा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा से लेकर विज्ञान में स्नातक तक की पढ़ाई बिहार से की है। उसके बाद दिल्ली में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता व मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। सुबोध वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के स्टेट डेस्क पर काम कर रहे हैं। वह राजनीति और अपराध से जुड़ी खबरों में विशेष रूचि रखते हैं। और पढ़ें

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