Hindi Newsछत्तीसगढ़ न्यूज़major rail accident was averted in Bilaspur, 3 trains were on the same track, railway issued a statement
बिलासपुर में टला बड़ा रेल हादसा, एक ही ट्रैक पर थीं तीन ट्रेनें; रेलवे ने बयान जारी कर बताई इसकी वजह

बिलासपुर में टला बड़ा रेल हादसा, एक ही ट्रैक पर थीं तीन ट्रेनें; रेलवे ने बयान जारी कर बताई इसकी वजह

संक्षेप:

रेलवे ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। वहीं, यात्रियों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए रेलवे को सतर्कता और निगरानी और बढ़ानी चाहिए।

Thu, 6 Nov 2025 07:07 PMSourabh Jain वार्ता, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में बीते दिनों हुए रेल हादसे के बाद गुरुवार को एक बार फिर एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इस दौरान कोटमी-सोनार स्टेशन के पास एक ही ट्रैक पर एक साथ तीन ट्रेनें देखी गईं, जिनमें दो मालगाड़ियां और एक सवारी गाड़ी (मेमू लोकल) शामिल थीं।

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इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया। स्थानीय यात्रियों के मुताबिक यह स्थिति कुछ मिनटों तक बनी रही, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जाने लगी। पर समय रहते ट्रेनों को रोक दिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

हाल ही में 4 नवंबर को बिलासपुर में रेल हादसा हुआ था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हुए थे। वहीं उस घटना के बाद गुरुवार को इस घटना से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फिर सवाल उठने लगे हैं। जिसके बाद लोगों ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हादसे के बाद भी रेलवे ने सुरक्षा उपायों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

रेलवे ने दी सफाई, बताई ऐसा होने की वजह

उधर इस घटना को भ्रामक बताते हुए SECR (दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुष्कर विपुल विलासराव ने एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'यह ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली की सामान्य परिचालन प्रक्रिया है। इस प्रणाली में प्रत्येक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं, जिसमें हर सिग्नल के बाद दूसरी ट्रेन चल सकती है।'

आगे उन्होंने कहा, 'मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों के लिए अलग-अलग ट्रैक नहीं होते, दोनों एक ही ट्रैक पर एक-दूसरे के पीछे चलाई जाती हैं। रेलवे की ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित कार्यप्रणाली है और यह प्रणाली इस रेलखंड में साल 2023 से लागू है। इसलिए ऐसे भ्रामक समाचारों पर ध्यान न दें और अफवाहों से बचें।'

वायरल वीडियो की शुरू की जांच

फिलहाल रेलवे ने इस वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। वहीं, यात्रियों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए रेलवे को सतर्कता और निगरानी और बढ़ानी चाहिए।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain
सौरभ जैन पत्रकारिता में लगभग 15 वर्ष से जुड़े हुए हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत जुलाई 2009 में ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है। सौरभ को राजनीति, बॉलीवुड और खेल की खबरों में विशेष रुचि है। और पढ़ें

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