Hindi Newsछत्तीसगढ़ न्यूज़loco pilot was not fit for duty reveals report on bilaspur train accident
काम करने के लिए फिट नहीं था लोको पायलट, फिर भी लगा दी ड्यूटी; बिलासपुर ट्रेन हादसे की जांच में खुलासा

काम करने के लिए फिट नहीं था लोको पायलट, फिर भी लगा दी ड्यूटी; बिलासपुर ट्रेन हादसे की जांच में खुलासा

संक्षेप:

नवंबर में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ट्रेन हादसा हुआ। इस हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।

Dec 11, 2025 11:04 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, रायपुर
share Share
Follow Us on

पिछले महीने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ट्रेन हादसा हुआ। इस हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, मेमू ट्रेन नंबर 68733 का लोको पायलट काम करने के लिए फिट नहीं था। जांच में पाया गया है कि महीनों पहले हुए एक एप्टीट्यूड टेस्ट में लोको पायलट फेल हो गया था, फिर भी उसे एक्टिव ट्रेन ड्यूटी पर तैनात रखा गया था।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

नवंबर महीने में हुए इस हादसे में कुल 12 लोगों की मौत हो गई थी और 19 लोग घायल हुए थे। 'न्यूज 18' की रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा ट्रेन चलाने में गलती का नतीजा था। रिपोर्ट के अनुसार, सिग्नलिंग, ट्रैक और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में किसी तरह की कोई खराबी नहीं थी। यह हादसा लोको पायलट की गलती से हुए था। सीआरएस की जांच में बताया गया है कि, जिस मेमू का लोको पायलट विद्यासागर की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई थी, वो बीते 9 जून को एक एप्टीट्यूड टेस्ट में फेल हो गया था। सीआरएस रिपोर्ट के अनुसार, लोको पायलट विद्यासागर काम करने के लिए फिट नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें ट्रेन चलाने की ड्यूटी में लगाया गया।

सीआरएस रिपोर्ट के अनुसार, एक्सीडेंट वाले दिन लोको पायलट ने अपने लोको इंस्पेक्टर को कई रूटीन फोन कॉल की थी। जिससे यह पता चलता है कि लोको पायलट को नियमों की समझ कम थी और उसका आत्मविश्वास भी इस वजह से कम था। लोको पायलट के असिस्टेंट लोको पायलट ने सीआरएस को बताया कि लोको पायलट का रिएक्शन टाइम बहुत धीमा था और निर्णय लेने की क्षमता भी खराब थी। उसने बताया कि लोको पायलट को जानकारी भी कम थी।

रिपोर्ट में बताया गया कि इन तमाम बातों से पता चलता है कि लोको पायलट खतरे के सिग्नल के बावजूद ट्रेन को नियंत्रित नहीं पाया और भीषण टक्कर हो गई। आईसीपी (ICP-I, ICP-II) के ब्लैक बॉक्स यूनटि से मिले डाटा से पता चलता है कि एक्सीडेंट से कुछ मिनट पहले ट्रेन 71 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही थी और कोई इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाई गई थी। इससे यह भी पुष्टि होती है कि मेमू ट्रेन ने खतरे से पहले सिग्नल को पार किया था।

Mohammad Azam

लेखक के बारे में

Mohammad Azam
युवा पत्रकार आजम ने लाइव हिन्दुस्तान के साथ पत्रकारिता की शुरुआत की। 8 राज्यों की पॉलिटिकल, क्राइम और वायरल खबरें कवर करते हैं। इनकी मीडिया की पढ़ाई भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से हुई है। इंटरव्यू, पॉडकास्ट और कहानियां कहने का शौक है। हिंदी, अंग्रेजी साहित्य के साथ उर्दू साहित्य में भी रुचि है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।