नक्सलवाद खात्मे की तय समयसीमा से पहले छत्तीसगढ़ में 7 माओवादियों ने किया सरेंडर, 40 हथियार बरामद

पीटीआई, बस्तर, छत्तीसगढ़
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पुलिस के अनुसार इन वामपंथी उग्रवादियों ने पुलिस की 'पूना मारगेम' (पुनर्वास से लेकर सामाजिक एकीकरण तक) पुनर्वास पहल के तहत अपने हथियार डाले। नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने का यह कार्यक्रम जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा पुलिस लाइन कारली में आयोजित किया गया था।

naxal surrender (FILE PIC)

CHHATTISGARH NEWS देश से नक्सलवाद खत्म होने की समयसीमा के आखिरी दिन यानी मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सात नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया। इनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके बताए ठिकानों से 40 हथियार भी बरामद किए। पुलिस के अनुसार इन माओवादी कैडरों पर कुल मिलाकर 9 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

इस बारे में जानकारी देते हुए बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े पांच नक्सलियों ने दंतेवाड़ा पुलिस लाइंस में पुलिस और CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कांकेर जिले में भी दो कैडरों प्लाटून पार्टी कमेटी के सदस्य शंकर और प्लाटून सदस्य हिडमा डोडी ने सरेंडर कर दिया और पुलिस को एक AK-47 राइफल सौंप दी।

एक नक्सली पर घोषित था 5 लाख रुपए का इनाम

आईजी ने बताया कि बस्तर में सरेंडर करने वाले माओवादियों में भैरमगढ़ एरिया कमेटी की सदस्य सोमे कडती (उम्र- 42 साल) पर 5 लाख रुपए का इनाम था, जबकि लखमा ओयाम (उम्र- 19 साल), सरिता पोडियम (उम्र- 21 साल), जोगी कालमू (उम्र- 20 साल) और मोती ओयाम (उम्र- 19 साल) इन सभी पर 1-1 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने का यह कार्यक्रम जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा पुलिस लाइन कारली में आयोजित किया गया था।

निशानदेही पर उनके ठिकानों से 40 हथियार भी बरामद

सरेंडर करने के बाद इन कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने इलाके में माओवादियों के ठिकानों से 40 हथियार भी बरामद किए। इनमें 8 SLR राइफलें, 3 INSAS राइफलें, 1 कार्बाइन, एक .303 राइफल और 5 BGL लॉन्चर शामिल थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस सरेंडर के बाद अब कमजोर पड़ चुके इस संगठन की हथियारबंद क्षमताओं को भी बड़ा झटका लगा है।

पुलिस अधिकारी ने की हथियार डालने की अपील

IG ने कहा कि इलाके में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क करने और उन्हें मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने अपील की कि सरेंडर और पुनर्वास के लिए तय समय सीमा खत्म होने में अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं, इसलिए नक्सलियों को इस मौके का समझदारी से इस्तेमाल करते हुए अपने हिंसक अतीत को पीछे छोड़कर एक शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन अपनाना चाहिए।

2024 से लेकर अबतक 607 ने किया सरेंडर

बता दें कि 'पूना मारगेम' की इस पहल से प्रभावित होकर जिला दंतेवाड़ा में वर्ष 2024 से आज तक कुल 607 माओवादी कैडर हिंसा छोड़कर शांतिपूर्ण एवं सामाजिक जीवन की ओर अग्रसर हो चुके हैं। इसके अलावा, जिले में चलाए गए संयुक्त नक्सल उन्मूलन अभियानों में 92 नक्सलियों को गिरफ्तार करने और 54 को मुठभेड़ों में मार गिराने में सफलता मिली है। दंतेवाड़ा ने बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा जैसे सीमावर्ती जिलों के साथ मिलकर कई संयुक्त अभियानों में भी हिस्सा लिया, जिसमें शीर्ष कैडरों सहित कई नक्सली मारे गए।

Sourabh Jain

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सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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