HTLS में बोले CM विष्णु देव साय- 31 मार्च से पहले भी हो सकता है नक्सलवाद का खात्मा, 487 मारे गए

Ratan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, रायपुर
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Hindustan Times Leadership Summit 2025: देश के गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प लिया है, लेकिन इसी बीच छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने 'हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट 2025' में बातचीत के दौरान बताया- 31 मार्च से पहले भी नक्सलवाद का खात्मा हो सकता है।

HTLS में बोले CM विष्णु देव साय- 31 मार्च से पहले भी हो सकता है नक्सलवाद का खात्मा, 487 मारे गए

Hindustan Times Leadership Summit 2025: देश के गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प लिया है, लेकिन इसी बीच छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने 'हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट 2025' में बातचीत के दौरान बताया- “31 मार्च से पहले भी नक्सलवाद का खात्मा हो सकता है।” बातचीत में आगे बताया, अब तक 487 नक्सली मारे जा चुके हैं। उन्होंने सरेंडर किए जाने वाले माओवादियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं समेत राज्य के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाकों के बारे में अपडेट्स दिए।

अब तक मारे जा चुके 487 नक्सली

सीएम साय ने बताया, बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जैसे सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाकों में बीते दिनों में 37 माओवादियों ने सरेंडर किया है। लगातार ऐसे लोग सरेंडर कर रहे हैं। इसके पीछे की एक वजह सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास नीति है। उन्होंने बताया बीते 2 साल में 2336 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है। 1853 की गिरफ्तारी हुई है। वहीं जिन नक्सलियों ने हथियार डालने से इंकार कर दिया, तो ऐसे लोगों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। बीते 2 साल में ऐसे नक्सलियों की संख्या 487 रही है।

माओवादियों के लिए क्या कर रही छत्तीसगढ़ सरकार?

पुनर्वास नीति के तहत चलाई जा रहीं योजनाओं और नक्सलियों के फिर से वापस उसी दलदल में न जाने के लिए सरकार कई तरह के प्रयास कर रही है। इसका सीएम साय ने जिक्र करते हुए बताया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 3 साल तक आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी। इसमें हर महीना 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे। सीएम ने बताया, जगदलपुर में पंडूल कैफे खोला गया है। इस कैफे को सरेंडर करने वाले नक्सलियों द्वारा चलाया जाता है। वो लोग हमारी नीतियों से प्रभावित हैं।

घर बनाने और खेती करने के लिए दे रहे जमीन

हम ऐसे नक्सलियों को घर बनाने और खेती करने के लिए जमीन भी उपलब्ध करा रहे हैं। गांव में खेती करने के लिए एक हेक्टेयर जमीन दे रहे हैं। वहीं शहरी इलाके में उन्हें घर बनाने के लिए करीब 4 डिसिमल जमीन मुहैया करा रहे हैं। इसके अलावा सरेंडर करने वाले नक्सलियों के ऊपर जो इनाम होता है, वो भी उन्हें ही दे रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडूम जैसे आयोजन इसी नीति को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।

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रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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