
छत्तीसगढ़ में धान बेचने का टोकन नहीं मिलने से परेशान किसान ने ब्लेड से गला काटा, हालत नाजुक
छत्तीसगढ़ में धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिकले पर एक किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया। उसने ब्लेड से अपना गला काट लिया। अस्पताल में भर्ती किसान की हालत नाजुक बताई जा रही है। वह पिछले 3 दिनों से चॉइस सेंटर में टोकन कटवाने जा रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी।
छत्तीसगढ़ में धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिकले पर एक किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया। उसने ब्लेड ने अपना गला काट लिया। अस्पताल में भर्ती किसान की हालत नाजुक बताई जा रही है। वह पिछले 3 दिनों से चॉइस सेंटर में टोकन कटवाने जा रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी।
छत्तीसगढ में महासमुंद जिले के सेनभाठा (बागबाहरा) गांव के 65 साल के किसान मनबोध गांडा ने धान बेचने के लिए टोकन न मिलने से परेशान होकर अपने ही गले पर ब्लेड से हमला कर आत्महत्या का प्रयास किया। यह घटना शनिवार सुबह उस समय सामने आई जब किसान घर से गाय चराने निकला था। उसने पास के खेत में जाकर गले पर ब्लेड चला लिया। गांववालों ने जब उसे घायल हालत में देखा तो परिजनों को इसकी सूचना दी।
घायल किसान को 112 की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए महासमुंद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत नाजुक है और रायपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मनबोध पिछले 3 दिनों से चॉइस सेंटर में टोकन कटवाने जा रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी। किसान के पास 1 एकड़ 40 डिसमिल कृषि भूमि है। पीड़ित किसान के बेटे ने रोते हुए बताया कि मेरे पिताजी कल से टोकन कटवाने गए थे लेकिन नहीं कट पाया। आज सुबह से वो गाय चराने निकल गए। वो 2 से 3 दिनों से परेशान थे पर किसी को बता नहीं पा रहे थे। आज उन्होंने घटना को अंजाम दिया और अपने हाथ से अपने गले को काट लिया। हमारे घर में 11 लोग हैं और एक एकड़ 10 डिसमिल की कृषि भूमि है। हमारा टोकन अभी तक नहीं कट पाया है।
इस घटना पर बागबाहरा एसडीएम नमिता मारकोले ने कहा कि एक किसान द्वारा टोकन नहीं कटने के चलते आत्महत्या का प्रयास किए जाने की सूचना मिली। जांच में पाया गया कि किसान मनबोध के नाम पर लगभग 1 एकड़ कृषि भूमि है। समिति से जानकारी मिली है कि वह टोकन कटवाने सोसायटी में नहीं आया था, बल्कि चॉइस सेंटर गया था। किसान ऐप, चॉइस सेंटर या समिति कहीं भी टोकन कटवाया जा सकता है। इस मामले में प्रशासन की कोई लापरवाही नहीं दिख रही है। संभव है कि मोबाइल ऐप की लिमिट क्रॉस होने से टोकन नहीं कट पाया हो। आज शनिवार होने के कारण भी चॉइस सेंटर में टोकन नहीं कटता है। चॉइस सेंटर संचालक ने बताया कि किसान आज सुबह ही आया था।

लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




