छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी; उपभोक्ताओं पर कितना बोझ, नई दरें कब से?

भाषा, रायपुर
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छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी हो गई है। सूबे में बिजली की दरों में औसतन 6.23 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। कांग्रेस ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने इसे सरकारी 'लूट' बताया है।

छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी; उपभोक्ताओं पर कितना बोझ, नई दरें कब से?

छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सोमवार को सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में औसतन 6.23 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। यह बढ़ोतरी एक जुलाई से लागू होगी। भले ही सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों, अस्पतालों और आदिवासी इलाकों के लिए रियायतें बरकरार रखी हैं लेकिन कांग्रेस ने इस फैसले पर विरोध जताते हुए इसे सरकारी लूट करार दिया है।

नई दरें कब से होंगी लागू?

आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बढ़ोतरी एक जुलाई से लागू होगी। यह बढ़ोतरी राज्य की बिजली वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मांगी गई 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की तुलना में काफी कम है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने कहा कि संशोधित दरों को मंजूरी अनुमानित राजस्व की जरूरत को पूरा करने के लिए दी गई है। महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों, अस्पतालों और आदिवासी इलाकों के लिए कई रियायतें बरकरार रहेंगी।

घरेलू उपभोक्ताओं पर कितना बोझ?

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। इससे राज्य के लगभग 60 लाख उपभोक्ता प्रभावित होंगे। वहीं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंप कनेक्शन के लिए दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। रजिस्टर्ड महिला स्वयं-सहायता समूहों के संचालित औद्योगिक गतिविधियों के लिए 10 प्रतिशत की रियायत जारी रहेगी।

आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए छूट

आयोग ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण और सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए विद्युत दरों में दी जा रही 10 प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है। बस्तर, सरगुजा आदिवासी प्राधिकरण क्षेत्रों में मोबाइल टावरों के लिए ऊर्जा शुल्क पर 25 फीसदी की छूट जारी रहेगी। वहीं इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग यूनिट्स में शुल्क 7.13 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है।

कृषि पंप कनेक्शनों पर भी ज्यादा चार्ज

राज्य में गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों को ऊर्जा प्रभार में दी जा रही छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 फीसदी किया गया है। किसानों को खेती के लिए लगे पंपों के पास लाइट और पंखे चलाने के लिए 100 वॉट तक बिजली इस्तेमाल करने की इजाजत मिलती रहेगी। एलवी-5 श्रेणी के तहत पोहा और मुरमुरा मिलों को 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। विलंबित भुगतान अधिभार को 1.5 फीसदी प्रति माह से बदलकर 0.04 प्रतिशत प्रति दिन कर दिया गया है।

फैसले पर बरसी कांग्रेस

कांग्रेस ने बिजली दरों में बढ़ोतरी की आलोचना की है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार ने इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे और गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की है। भाजपा सरकार ने किसानों को भी नहीं बख्शा कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी कर दी है। भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार 5वीं बार बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं।

Krishna Bihari Singh

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कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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