छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई, छापों में भारी मात्रा में कैश जब्त
छत्तीसगढ़ के 2,800 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में ED ने रायपुर और दुर्ग सहित कई शहरों में ताजा छापे मारे। इस कार्रवाई में 53 लाख नकदी और करीब 5 करोड़ का सोना जब्त हुआ।

छत्तीसगढ़ में हुए कथित 2,800 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे शहरों में शराब व्यापारियों और करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान ईडी ने 53 लाख रुपये नकद और करीब 4.86 करोड़ रुपये की कीमत का सोना और बुलियन जब्त किया है। एजेंसी का आरोप है कि 2019 से 2022 के बीच अधिकारियों और नेताओं के एक सिंडिकेट ने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया। इस मामले में अब तक 380 करोड़ की संपत्ति जब्त हो चुकी है। कई बड़े अधिकारियों एवं नेताओं को आरोपी बनाया गया है।
रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में छापे
ईडी ने रविवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ताजा छापेमारी की गई जिसमें 53 लाख रुपये नकद और 4 करोड़ रुपये से अधिक के सोने के आभूषण और बुलियन जब्त किए गए। 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में शराब व्यापारियों, सीए, कारोबारियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के ठिकानों पर छापे मारे गए।
53 लाख कैश जब्त
ईडी ने एक बयान में कहा कि इन संस्थाओं पर शक है कि उन्होंने घोटाले से जुड़ी अवैध कमाई को हासिल किया या उसका लेन-देन किया। एजेंसी ने जांच के दौरान 53 लाख रुपये नकद और 4.86 करोड़ रुपये की कीमत का सोना जब्त किया। छापेमारी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पहले भी कई बार छापे
केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में पहले भी कई बार छापे मारे हैं। अब तक 380 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। ईडी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था। ईडी ने आरोप लगाया है कि एक आपराधिक गिरोह जिसमें राज्य के बड़े अधिकारी और नेता शामिल थे उन्होंने छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग को पूरी तरह से अपने कब्जे में कर लिया था।
खजाने को भारी नुकसान
इससे छत्तीसगढ़ के खजाने को भारी नुकसान हुआ। अपराध की कुल कमाई 2,883 करोड़ रुपये आंकी गई है। अब तक एजेंसी ने 6 चार्जशीट दायर की हैं जिनमें 81 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इन आरोपियों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, आईएएस अधिकारी निरंजन दास, रिटायर आईएएस अधिकारी अनिल टूटेजा, पूर्व मंत्री कवासी लखमा और पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया जैसे लोग शामिल हैं। इन सभी ने ईडी की कार्रवाई को निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में चुनौती दी है।
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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