छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED ने जब्त की 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति, गोवा का होटल भी शामिल
ईडी ने उत्तरी गोवा के अंजुना में स्थित 'होटल वेस्टिन गोवा' को कुर्क किया। यह संपत्ति 'पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के नाम पर पंजीकृत है, जिसके निदेशकों में राहुल अग्रवाल और विजय कुमार अग्रवाल शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है और इस मामले से जुड़े आरोपियों की 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के बाजार मूल्य वाली संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (अटैच) कर लिया है। इनमें गोवा का एक लग्जरी होटल भी शामिल है। ईडी ने बताया कि उसके रायपुर जोनल कार्यालय ने इस कार्रवाई को 28 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत अंजाम दिया। इस दौरान जांच एजेंसी ने तीन ‘अस्थायी कुर्की आदेश’ (PAO) के तहत संपत्तियों को जब्त किया।
एजेंसी ने बताया कि जब्त की गई इन संपत्तियों का डीड मूल्य (दस्तावेजी मूल्य) करीब 200 करोड़ रुपए है, जबकि बाजार में इनकी कीमत 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। ईडी की यह जांच रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा/एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) द्वारा दर्ज FIR पर आधारित है।
सिंडिकेट ने की 2,883 करोड़ रुपए की अवैध कमाई
एजेंसी के अनुसार, 'साल 2019 से 2023 के बीच कारोबारी अनवर ढेबर और पूर्व IAS अधिकारी अनिल टूटेजा के नेतृत्व वाले एक शराब सिंडिकेट ने राज्य की आबकारी व्यवस्था में जमकर हेरफेर की थी। इस नेटवर्क ने शराब खरीद की बढ़ी हुई दरों, बिना हिसाब-किताब वाली शराब के अवैध उत्पादन और चुनिंदा संस्थाओं को दिए गए FL-10A लाइसेंस के जरिए वसूली गई कमीशन के माध्यम से 2,883 करोड़ रुपए से ज्यादा की 'अपराध से अर्जित आय' जुटाई थी।
ईडी ने जब्त की कौन सी संपत्तियां
28 मई को ईडी ने अपने पहले जब्ती आदेश के तहत जिन संपत्तियों को जब्त किया, उनमें अनवर ढेबर और विकास अग्रवाल से जुड़ी संपत्तियां शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि विकास अग्रवाल ने मुख्य वित्तीय हैंडलर के रूप में काम किया, जो कि डिस्टिलरी और लाइसेंस धारकों से कमीशन इकट्ठा करके ढेबर तक पहुंचाता था। इस दौरान ईडी ने अग्रवाल के परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियों को भी उनकी अवैध कमाई के बराबर मानते हुए जब्त कर लिया। ईडी ने ढेबर से जुड़ी कई बेनामी संपत्तियां भी जब्त की हैं, जिनमें रायपुर के 'ढेबर सिटी होम्स' में स्थित प्लॉट और 'शाइनिंग स्टार बिल्डकॉन', 'मूनलाइट रियल एस्टेट', 'स्वर्ण इंफ्राबिल्ड' और 'जय गुरुदेव इंफ्रास्ट्रक्चर' जैसी शेल फर्मों (कागजी कंपनियों) के जरिए खरीदी गई जमीनें शामिल हैं। इन जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 30 करोड़ रुपए है।
गोवा में स्थित लग्जरी होटल को जब्त किया
दूसरे जब्ती आदेश के तहत ईडी ने उत्तरी गोवा के अंजुना में स्थित 'होटल वेस्टिन गोवा' को कुर्क किया। यह संपत्ति 'पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के नाम पर पंजीकृत है, जिसके निदेशकों में राहुल अग्रवाल और विजय कुमार अग्रवाल शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि यह होटल पूरी तरह से अपराध से कमाए गए पैसों से खरीदा गया था और इसकी कीमत लगभग 110 करोड़ रुपए है। इस सौदे की पूरी रकम नकद के रूप में दी गई थी, और जो शराब घोटाले से प्राप्त हुई थी और चैतन्य बघेल के कहने पर पहुंचाई गई थी।
तीन कंपनियों के बैंक खाते, शेयर और MF जब्त किए
ईडी के तीसरे कुर्की आदेश के तहत जिन संपत्तियों को जब्त किया गया, उनमें तीन FL-10A लाइसेंसधारी कंपनियों (ओम साई बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड, दिशिता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड और नेक्सजेन पावर एंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड) के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड शामिल हैं। इन कंपनियों को अपने मुनाफे का 50-60 प्रतिशत हिस्सा (लगभग 51 करोड़ रुपए) जबरन सिंडिकेट को ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया था।
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