बकरीद पर खुले में कुर्बानी न दें, सोशल मीडिया को लेकर मुस्लिमों से खास अपील; जानें क्या?
बकरीद (ईद-उल-अजहा) से पहले छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। बोर्ड ने लोगों से खुले या सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करने और इससे जुड़े फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने से बचने को कहा है।
बकरीद (ईद-उल-अजहा) से पहले छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। बोर्ड ने लोगों से खुले या सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करने और इससे जुड़े फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने से बचने को कहा है।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि राज्यभर की मस्जिदों और ईदगाहों में स्थानीय समय के अनुसार सुबह 6 बजे से 11 बजे तक ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस्लाम भाईचारे, सभी धर्मों के सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का संदेश देता है।
बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि ईद-उल-अजहा पैगंबर इब्राहिम और पैगंबर इस्माइल की कुर्बानी की याद में मनाया जाने वाला इस्लाम का अहम त्योहार है। ऐसे में त्योहार मनाते समय सामाजिक सौहार्द और दूसरे समुदायों की भावनाओं का भी ध्यान रखना जरूरी है।
वक्फ बोर्ड ने कहा कि कई बार कुर्बानी से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं, जिससे दूसरे समुदायों की भावनाएं आहत हो सकती हैं और सामाजिक माहौल खराब होने का खतरा रहता है। इसी वजह से लोगों से अपील की गई है कि वे कुर्बानी के फोटो या वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा न करें।
बोर्ड ने प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करने की भी सलाह दी है। साथ ही कहा गया है कि कुर्बानी के बाद साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और खून या अन्य अवशेष नालियों या सार्वजनिक स्थानों पर न जाने दिए जाएं। इसके अलावा लोगों से सड़कों पर नमाज अदा न करने की अपील की गई है। बोर्ड ने कहा कि अगर भीड़ अधिक हो तो पिछले वर्षों की तरह तय ईदगाहों और निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल किया जाए।
सलीम राज ने कहा कि सभी समुदायों की आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए बकरीद का त्योहार मनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से भाईचारे और शांति का माहौल बनाए रखने की अपील की।


