छत्तीसगढ़: पेपर में पूछा, मोना के कुत्ते का नाम क्या था? ऑप्शन में राम, जमकर हंगामा

Jan 08, 2026 05:34 pm ISTKrishna Bihari Singh पीटीआई, महासमुंद
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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरकारी स्कूलों में इंग्लिश के एक पेपर में कुत्ते के नाम पर मल्टीपल ऑप्शन वाले सवाल को लेकर विवाद हो गया है। सवाल में कुत्ते के नाम के ऑप्शन में 'राम' शब्द छप गया था।

छत्तीसगढ़: पेपर में पूछा, मोना के कुत्ते का नाम क्या था? ऑप्शन में राम, जमकर हंगामा

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरकारी स्कूलों में चौथी कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान एक विवादित प्रश्न पर हंगामा हो गया। प्रश्न पत्र में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में राम शब्द लिखा गया था। इस घटना से हिंदूवादी संगठनों में भारी नाराजगी है। संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी का घेराव किया और शिकायत दर्ज कराई। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि संबंधित ऑप्शन को हटा दिया गया है।

'मोना के कुत्ते' का नाम क्या?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बुधवार को सरकारी स्कूलों की क्लास-4 की परीक्षा में स्टूडेंट से पूछा गया था कि 'मोना के कुत्ते' का नाम क्या था। सवाल के विकल्पकों में 'बाला', 'शेरू', 'कोई नहीं' और 'राम' शब्द लिखे थे। जैसे ही यह जानकारी बाहर आई हंगामा शुरू हो गया। दक्षिणपंथी संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी का घेराव किया और विरोध प्रदर्शन किया।

पेपर बनाने वाले को नौकरी से निकालने की मांग

विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रमुख हर्षवर्धन चंद्राकर ने जिला शिक्षा अधिकारी से ऐसा सवाल बनाने वाले की गिरफ्तारी और उसे नौकरी से निकालने की मांग की। चंद्राकर ने कहा कि परीक्षाओं में ऐसे विकल्प देना गलत है। ऐसी बातें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं। इसके बाद गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे सामने आए। उन्होंने खेद व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।

अलग प्रश्न पत्र प्रिंट हो गया

महासमुंद जिले के जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे बताया कि एक अलग प्रश्न पत्र प्रिंट हो गया जिससे यह चूक सामने आई है। परीक्षा पत्रों की गोपनीयता के कारण यह मामला परीक्षा केंद्र पर पेपर खुलने के बाद ही सामने आया। यह मामला जैसे ही संज्ञान में आया, संबंधित ऑप्शन को तुरंत हटा दिया गया और उसकी जगह एक नया ऑप्शन डाल दिया गया।

प्रिंटेड मैन्युस्क्रिप्ट जमा करने के निर्देश

शिक्षा अधिकारी ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा अधिकारी ने यह भी बताया कि विभाग ने संबंधित वेंडर से स्पष्टीकरण मांगा है। संबंधित वेंडर से प्रिंटेड मैन्युस्क्रिप्ट जमा करने को कहा है ताकि पता लगाया जा सके कि प्रश्न पत्र कैसे बदल गया।

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कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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