छत्तीसगढ़ के धमतरी में खौफनाक वाकया, सरकारी स्कूल के 35 बच्चों ने काटी अपनी कलाई

Feb 18, 2026 10:46 pm ISTKrishna Bihari Singh भाषा, धमतरी
share

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक सरकारी स्कूल में खौफनाक घटना हुई है। स्कूल के 35 छात्रों ने अपनी कलाइयां काट ली हैं। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उनके घाव भर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ के धमतरी में खौफनाक वाकया, सरकारी स्कूल के 35 बच्चों ने काटी अपनी कलाई

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक खौफनाक घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल के 35 छात्रों ने एक-दूसरे को देखकर अपनी कलाइयां जख्मी कर लीं। यह जानकारी तब सामने आई जब परिजनों ने बच्चों के हाथों पर चोट के निशान देखे। जांच में पता चला कि यह मामला करीब 20 दिन पुराना है। बच्चों के घाव अब भर रहे हैं। फिलहाल सभी छात्र सुरक्षित हैं। उनकी काउंसलिंग कराई गई है। शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

अधिकारियों ने बताया कि धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड में स्थित दहदहा गांव के एक सरकारी माध्यमिक स्कूल के 35 छात्रों ने किसी धारदार चीज से अपनी कलाई पर चोट पहुंचा ली। जिला प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सभी विद्यार्थी स्वस्थ हैं और उनके घाव भर रहे हैं। प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को समझाया गया है। शिक्षकों और पैरेंट्स को बच्चों पर नजर रखने की सलाह दी है।

परिजनों ने हाथ पर देखे जख्म तो खुली पोल

कुरूद क्षेत्र के तहसीलदार सूरज बंछोर ने बताया कि इस स्कूल के विद्यार्थियों के परिजनों ने 13 फरवरी को अपने बच्चों की कलाई पर कटने के निशान देखे। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना स्कूल प्रबंधन को दी। बाद में जब स्कूल प्रबंधन ने मामले की जांच की तो पता चला कि 35 छात्रों ने अपनी कलाई को किसी धारदार चीज से जख्मी किया है। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना की जानकारी जिला प्रशासन को दी गई।

छात्रों ने कलाई काट ली

तहसीलदार सूरज बंछोर ने बताया कि पता चलने पर उन्होंने, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम के साथ स्कूल का दौरा किया। जांच में यह बात सामने आई है कि करीब एक महीने पहले छात्रों ने अपनी कलाई काट ली थी। अब छात्रों की कलाई पर केवल चोट के निशान बचे हैं और उनके घाव पूरी तरह भर चुके हैं। बच्चों से बात करने से लग रहा है कि उन्होंने एक दूसरे को देखकर इस तरह का कदम उठाया है।

इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का हाथ काटना जांच का विषय

बंछोर ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का हाथ काटना जांच का विषय है। माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों पर नजर रखने को कहा गया है। कुरूद क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार साहू ने बताया कि यह मामला 13 फरवरी को सामने आया था जो करीब 15 से 20 दिन पुराना है। डॉक्टरों को शक है कि बच्चों ने नशे की लत के कारण ऐसा किया है। 16 फरवरी को सभी विद्यार्थियों की काउंसलिंग की गई है।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।