छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी; समिति गठित, महिलाओं को जमीन रजिस्ट्री मिलेगी 50 फीसदी छूट

Apr 15, 2026 05:18 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, रायपुर
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छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने बुधवार को कई बड़े फैसले लिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करने के लिए एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया। 

छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी; समिति गठित, महिलाओं को जमीन रजिस्ट्री मिलेगी 50 फीसदी छूट

छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने बुधवार को कई बड़े फैसले लिए। छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में छत्तीसगढ़ में इस कानून को लागू करने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।

UCC से आएगी धार्मिक और लैंगिक समानता

बता दें कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग 'पर्सनल लॉ' लागू हैं। अलग-अलग कानूनों की वजह से कानूनी प्रक्रिया में काफी असमानता और जटिलता आती है। इसे दूर करने और कानून को सरलए एकसमान व न्यायसंगत बनाने के लिए समान नागरिक संहिता जरूरी मानी जा रही है जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।

समान नागरिक संहिता का प्रारूप बनाएगी कमेटी

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह कमेटी राज्य के नागरिकों, संगठनों और विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करेगी।

कैबिनेट पास करेगी मसौदा, फिर विधानसभा में लाने की तैयारी

अधिकारियों ने बताया कि इस कमेटी की सिफारिशों के आधार पर तैयार मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी दिलाई जाएगी। इसके बाद इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लागू होने से छत्तीसगढ़ में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके।

महिलाओं के नाम रजिस्ट्री पर मिलेगी 50 प्रतिशत की छूट

अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट ने इसके साथ ही कई अन्य फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने महिलाओं के नाम पर होने वाली जमीन की रजिस्ट्री के शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है ताकि महिलाएं संपत्ति खरीदने के लिए प्रेरित हों और आर्थिक रूप से मजबूत बनें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस फैसले से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा लेकिन महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह एक बड़ा और जरूरी कदम है।

सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में भी फैसला

कैबिनेट ने राज्य के सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक बड़ा निर्णय लिया। इसके तहत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ के भीतर 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है। इसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति खरीदते हैं। यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा।

वैक्सीन खरीद को मंजूरी

कैबिनेट ने पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए हैदराबाद की इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड से टीके खरीदने की मंजूरी दे दी है ताकि सही समय पर दवा मिल सके। इसके साथ ही बैठक में आने वाले खरीफ सीजन के लिए खाद के इंतजाम और राज्य में रसोई गैस की सप्लाई की भी समीक्षा की गई।

रेत उत्खनन नियम में संशोधन को मंजूरी

अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब केंद्र, राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे 'छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्परेशन लिमिटेड' के लिए रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी। साथ ही बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 में भी बड़े बदलावों को मंजूरी दी गई है ताकि खनन के क्षेत्र में पारदर्शिता और नियंत्रण बढ़ाया जा सके, राजस्व में वृद्धि हो, अवैध खनन रुके और पूरी प्रक्रिया आसान हो जाए।

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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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