
भूपेश बघेल को CBI कोर्ट से झटका, 'सेक्स CD' मामले में बरी करने वाला आदेश रद्द; फिर चलेगा मुकदमा
CBI ने बाद में इस मामले में एक चार्जशीट और एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की। CBI के एक प्रवक्ता ने बताया था कि पहला मामला 26 अक्टूबर, 2017 को रायपुर के पंडरी पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को तगड़ा झटका देते हुए सीबीआई की एक विशेष अदालत ने शनिवार को मजिस्ट्रेट अदालत के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें बघेल को साल 2017 में पूर्व मंत्री राजेश मूणत को दिखाते हुए एक अश्लील वीडियो सर्कुलेट करने के मामले में बरी कर दिया गया था। अब इस मामले की दोबारा सुनवाई होगी और न्यायालय ने भूपेश बघेल को नियमित रूप से अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने अपने आरोपपत्र में बघेल समेत कई आरोपियों को नामजद किया था। सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले का मतलब है कि बघेल को इस मामले में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा, जब तक कि उन्हें इससे उच्च अदालत से राहत नहीं मिल जाती। बता दें कि मार्च 2025 में सीबीआई की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल के खिलाफ दर्ज सभी धाराओं को हटाते हुए कहा था कि उनके विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। इस आदेश को चुनौती देते हुए सीबीआई ने रायपुर सत्र न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है।
मूणत और बजाज ने दायर की थी अलग-अलग शिकायतें
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि, 'इसी कार्यवाही में अदालत ने अन्य आरोपियों कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा और विजय भाटिया द्वारा निचली अदालत के आरोप तय करने के आदेश के खिलाफ दायर अपील को भी खारिज कर दिया।' छत्तीसगढ़ पुलिस ने साल 2017 में तत्कालीन PWD मंत्री राजेश मूणत और भाजपा नेता प्रकाश बजाज द्वारा दायर अलग-अलग शिकायतों के आधार पर दो अलग-अलग FIR दर्ज की थीं। बाद में, छत्तीसगढ़ में तत्कालीन भाजपा सरकार ने इन मामलों को CBI को सौंप दिया था। सीबीआई ने इस मामले में एक आरोपपत्र और एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।
अक्टूबर 2017 में दर्ज हुए थे दो मामले
CBI ने बाद में इस मामले में एक चार्जशीट और एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की। CBI के एक प्रवक्ता ने बताया था कि पहला मामला 26 अक्टूबर, 2017 को रायपुर के पंडरी पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था। आरोप था कि शिकायतकर्ता (बजाज) को उसके फोन पर एक कॉल आया, जिसमें एक अनजान कॉलर ने कहा कि उसके पास उसके आका (मालिक) का एक अश्लील वीडियो है और अगर फिरौती की उसकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह उसे वायरल कर देगा।
अधिकारी के अनुसार, दूसरा मामला 27 अक्टूबर, 2017 को रायपुर के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा के खिलाफ दर्ज किया गया था। आरोप था कि उन्होंने मूणत का फर्जी अश्लील वीडियो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी छवि खराब करने और राजनीतिक फायदा उठाने के लिए दिया था।
वर्मा और बघेल ने किया था आरोपों से इनकार
यह मामला तब सामने आया जब अक्टूबर 2017 में छत्तीसगढ़ पुलिस ने वर्मा को इस मामले में ब्लैकमेल और जबरन वसूली के शक में उनके गाजियाबाद स्थित घर से गिरफ्तार किया। जब पुलिस वर्मा को ले जा रही थी, तो उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार उनसे खुश नहीं है क्योंकि उसे शक है कि उनके पास (तत्कालीन) छत्तीसगढ़ के PWD मंत्री (तत्कालीन) राजेश मूणत की अश्लील सीडी है और कहा था कि उन्हें फंसाया जा रहा है। जबकि मूणत ने इसे फर्जी और चरित्र हनन की कोशिश बताया था।
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा कारोबारी कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांड्या आरोपी बनाए गए थे। मामले के एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने मामला उजागर होने के बाद आत्महत्या कर ली थी।

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