
लाल आतंक पर चोट; सरकार ने नक्सलवाद से निपटने के लिए 20 फीसदी बढ़ाया फंड
केंद्र सरकार ने नक्सलवाद से निपटने की दिशा में बजट में बड़ा ऐलान किया है।सरकार ने केंद्रीय बजट में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 3,610.80 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है जो पिछले साल से 20 प्रतिशत ज्यादा है।
केंद्र सरकार ने बजट 2026 में नक्सलवाद से निपटने के लिए बजट में बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने केंद्रीय बजट में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर होने वाले खर्च के लिए 3,610.80 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है। यह बढ़ोतरी 20 फीसदी से ज्यादा है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च तक की डेडलाइन तय की है।
बुनियादी कामों पर होगा खर्च
यह पैसा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और नई सड़कों जैसे बुनियादी कामों पर खर्च होगा। साथ ही पुलिस को बेहतर बनाने के लिए बजट 24 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। सरकार इन जगहों पर विकास के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में नक्सली हिंसा 53 फीसदी तक कम हुई है। अब सरकार शांति के लिए सुरक्षा और विकास दोनों पर ध्यान दे रही है।
इस बार 3,610.80 करोड़ रुपये
साल 2026-27 में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इलाकों के लिए सुरक्षा और खास सुविधाओं के बजट को बढ़ा दिया गया है। पिछले साल के 3,006.56 करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार 3,610.80 करोड़ रुपये देने का फैसला लिया गया है।
गृह मंत्रालय को उपलब्ध कराई रकम
बजट के अनुसार, फंड का इस्तेमाल सुरक्षा खर्च, बुनियादी ढांचे के विकास और नक्सल प्रभावित 35 मुख्य जिलों की मदद के लिए होगा। इसमें केंद्रीय एजेंसियों की सहायता, आम जनता के लिए विकास कार्य शामिल हैं। धनराशि पुलिस बलों के आधुनिकीकरण से जुड़ी केंद्र प्रायोजित योजना के तहत राज्यों या केंद्र-शासित प्रदेशों की मदद के लिए गृह मंत्रालय को उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए 4,061.34 करोड़ रुपये
पुलिस बलों को आधुनिक बनाने के लिए बजट को करीब 24 फीसदी बढ़ाया गया है। साल 2026-27 के लिए इसे 4,061.34 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पिछले साल यह 3,279.53 करोड़ रुपये था। बजट में आपदा प्रबंधन और मीडिया योजना के लिए भी 20 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पैसे का इस्तेमाल नक्सल प्रभावित इलाकों, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में लोगों को जागरूक करने और प्रचार करने के लिए किया जाएगा।
नक्सली घटनाओं में आई कमी
पिछले साल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने नक्सली हिंसा को लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया था। उन्होंने कहा था कि अब तक इसमें करीब 17 हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। शाह के मुताबिक, 2014 से 2024 के बीच नक्सली घटनाओं में पिछले दस सालों के मुकाबले 53 प्रतिशत की कमी आई है। सरकार नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा की कमियों को दूर कर रही है।

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Krishna Bihari Singhलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




