छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू का खतरा, 22000 मुर्गियों को मारा गया; इस जिले में अलर्ट जारी
छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि बिलासपुर जिले में एक सरकारी फार्म में एवियन इन्फ्लूएंजा फैलने के बाद अधिकारियों ने 22808 मुर्गियों को मार दिया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 25896 अंडे और लगभग 79 क्विंटल चारा भी नष्ट कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि बिलासपुर जिले में एक सरकारी फार्म में एवियन इन्फ्लूएंजा फैलने के बाद अधिकारियों ने 22808 मुर्गियों को मार दिया है। उन्होंने बताया कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए गए उपायों के तहत 25896 अंडे और लगभग 79 क्विंटल मुर्गियों का चारा भी नष्ट कर दिया गया।
एवियन इन्फ्लूएंजा या बर्ड फ्लू एक वायरल संक्रमण है। यह मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन यह कुछ स्तनधारियों में भी फैल सकता है। बर्ड फ्लू संक्रमण फैलने की सूचना कोनी इलाके में स्थित एक सरकारी मुर्गी फार्म से मिली। वहां 19 मार्च से 24 मार्च के बीच लगभग 4400 मुर्गियों की मौत हो गई थी।
रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन
एक अधिकारी ने बताया कि एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि होने के तुरंत बाद पशुपालन विभाग ने तेजी से कार्रवाई किया। इस प्रकोप को फैलने से रोकने के लिए पशु चिकित्सा सेवाओं के संयुक्त निदेशक की देखरेख में एक 'रैपिड रिस्पॉन्स टीम' का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि प्रोटोकॉल के अनुसार बुधवार शाम तक निर्धारित संक्रमित क्षेत्र के भीतर 22808 मुर्गियों, 25896 अंडों और लगभग 79 क्विंटल मुर्गी दाने को नष्ट कर दिया गया।
आवागमन पर पूरी तरह रोक
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में इनके आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बिलासपुर पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जीएसएस तंवर ने बताया कि पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुर्गी पालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मुर्गी फार्मों की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रभावित इलाकों में आवाजाही को सख्ती से नियंत्रित किया जा रहा है।
सतर्क और जागरूक रहें
अधिकारी ने कहा कि समय पर हस्तक्षेप से बीमारी को फैलने से रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क और जागरूक रहें। अधिकारियों ने बताया कि जिला कलेक्ट्रेट में एक बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो 24 घंटे काम करेगा। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी संदिग्ध मामले या मृत पक्षियों की घटना की जानकारी कंट्रोल रूम की हेल्पलाइन पर दें।
कर्मचारियों की सेहत की निगरानी
अधिकारियों ने कोनी इलाके में बर्ड फ्लू से प्रभावित फार्म के आसपास के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र और 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर दिया है। पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों की सेहत की निगरानी भी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों में लक्षण दिखाई देंगे, उनकी जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें एंटीवायरल दवाएं दी जाएंगी।
इंसानों में संक्रमण का कोई मामला नहीं
अधिकारियों ने पूरे जिले में पोल्ट्री बिक्री केंद्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं। जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अधिकारियों के साथ सहयोग करें। अधिकारियों ने आगे बताया कि अब तक इंसानों में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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