गृहमंत्री बोले- तय सीमा से पहले नक्सलमुक्त हुआ देश, छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
गृह मंत्री ने कहा कि वह बिना किसी हिचकिचाहट के यह कह सकते हैं कि विभिन्न राज्यों की कई गैर-भाजपा सरकारों ने नक्सलवाद को खत्म करने में केंद्र सरकार की मदद की, लेकिन छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार ने मदद नहीं की थी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में कहा कि सुरक्षा बलों की वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान के कारण 31 मार्च की समय सीमा से पहले देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो गया है। गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि जो इलाके कभी नक्सली हिंसा की गिरफ्त में थे, वहां अब व्यापक विकास की एक नई सुबह देखने को मिल रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने यह बात बस्तर जिले के जगलदलपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कही, जहां पर वे मंगलवार को मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बस्तर के नक्सल मुक्त होने के बाद यहां बने 200 सुरक्षा कैंपों में से प्रथम चरण में 70 कैंपों का उपयोग वीर शहीद गुंडाधुर सेवाडेरा में बदलने की घोषणा भी की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गृहमंत्री शाह ने कुछ विशेष तारीखों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ तारीखें 'नक्सल मुक्त भारत अभियान' की सफलता में ऐतिहासिक महत्व रखती हैं। इस दौरान उन्होंने 13 दिसंबर 2023, 24 अगस्त 2024 और 31 मार्च 2026 का विशेष रूप से उल्लेख किया। इस तारीखों का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि...
- 13 दिसंबर, 2023 को छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने शपथ ली और इसी के साथ नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लिए एक दृढ़ संकल्पित अभियान की शुरुआत हुई।
- 24 अगस्त, 2024 को सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGP) की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सल-मुक्त बनाने का कड़ा संकल्प लिया गया।
- 31 मार्च, 2026 जिसे केंद्र सरकार द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के लिए अंतिम समय सीमा के रूप में तय किया गया। साथ ही जिसे सुरक्षा बलों की वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान के कारण समय रहते हासिल कर लिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाया और कहा कि 'मैं बिना किसी हिचकिचाहट के यह कह सकता हूं कि विभिन्न राज्यों में कई गैर-भाजपा सरकारों ने नक्सलवाद को खत्म करने की योजनाओं में केंद्र सरकार की मदद की थी, लेकिन छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार ने मदद नहीं की थी।'
'विकास नहीं होने से नक्सलवाद पनपा, यह बिल्कुल गलत'
आगे उन्होंने कहा, 'दिसंबर 2023 के बाद, जब छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनी, हम बस्तर में नक्सलवाद को खत्म कर सके।' मंत्री ने कहा कि कुछ बुद्धिजीवी वर्षों से यह तर्क देते रहे हैं कि ‘नक्सलवाद इसलिए पनपा क्योंकि इन क्षेत्रों तक विकास नहीं पहुंच सका'। इस बात को बिल्कुल गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि सच्चाई बिल्कुल इसके विपरीत है। शाह ने कहा कि ’उन क्षेत्रों में विकास इसलिए नहीं पहुंच सका क्योंकि वहां नक्सलवाद था।'
200 में से 70 कैंप बनेंगे सेवा डेरा
पीसी के दौरान शाह ने कहा, ‘अब जब बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तो यहां मौजूद 200 सुरक्षा शिविरों में से 70 का उपयोग 'वीर शहीद गुंडाधुर सेवाडेरा’ के रूप में जन संपर्क के लिए किया जाएगा और यहां जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।'
शाह बोले- यहां आदिवासियों को मिलेंगी सरकारी सुविधाएं
उन्होंने बताया कि सरकारी अधिकारी इन शिविरों का कार्यभार संभाल रहे हैं, जिनका उपयोग बैंकिंग सेवाओं, बैंक खोलने, आधार कार्ड नामांकन, सरकार की तरफ से दी जाने वाली सभी सुविधाओं, राशन की दुकानों, आंगनवाड़ी आदि के लिए किया जाएगा। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले किसी भी आदिवासी को किसी भी योजना का लाभ उठाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।' बता दें कि इन शिविरों का उपयोग पहले सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल विरोधी अभियान चलाने और गांवों की सुरक्षा के लिए किया जाता था।'
आदिवासी इलाकों में बनेंगी सहकारी समितियां
इसके अलावा केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने बस्तर में बड़ा डेयरी नेटवर्क बनाने की योजना भी बताई और कहा कि बस्तर में आदिवासियों के लिए सहकारी समितियां बनाई जाएंगी, जिससे यहां रहने वाले आदिवासी मुनाफा कमाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति और विरासत को संरक्षित करते हुए भारत में सभी नक्सल मुक्त क्षेत्रों के लिए एक योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा से विकास तक प्रधानमंत्री के पास अगले 5 साल का प्लान है, जिसके लिए गृह मंत्रालय ने एक वैज्ञानिक रोड मैप तैयार किया है।
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव
सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।
इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


