झारखंड में नौकरी के नाम पर 35 लड़कियों को बंधक बनाने की आशंका, छत्तीसगढ़ प्रशासन अलर्ट
छत्तीसगढ़ के कांकेर और आसपास के इलाकों से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक यहां से करीब 35 लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर झारखंड ले जाया गया और उन्हें फंसा लिया गया।

छत्तीसगढ़ के कांकेर और आसपास के इलाकों से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक यहां से करीब 35 लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर झारखंड ले जाया गया और उन्हें फंसा लिया गया। बताया जा रहा है कि इन सभी लड़कियों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। इनमें से 16 लड़कियां कांकेर से और अन्य धमतरी और अन्य इलाकों से ले जाई गई थीं।
इस घटना के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। पुलिस से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार युवतियों को नर्सिंग और अन्य कार्यों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर झारखंड भेजा गया था। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उन्हें गढ़वा जिले में बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है।
लड़के को मैसेज भेज मांगी मदद
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब दुर्गुकोंदल क्षेत्र के खुटगांव की एक युवती ने अपने परिचित युवक को मोबाइल पर मदद का मैसेज भेजा। लड़की ने बताया कि उसे और अन्य युवतियों को झारखंड के गढ़वा जिले में जबरन रोका गया है। सूचना मिलने के बाद कांकेर जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए झारखंड के गढ़वा जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर खोजबीन एवं जांच शुरू कर दी है।
कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने बताया कि कांकेर और अन्य जिलों की कुछ लड़कियां नर्सिंग और अन्य कार्यों के लिए झारखंड गई थीं। शिकायत मिली है कि कुछ लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है। जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इस संबंध में उनकी कलेक्टर से चर्चा हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ लड़कियां अपनी मर्जी से गई थीं, जबकि कुछ वापस आना चाहती हैं। प्रशासन सभी से संपर्क स्थापित कर आगे की कार्रवाई कर रहा है।
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।
विस्तृत बायो
डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।
अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।
उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।
तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


