छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों द्वारा लगाए कई IED बमों में धमाके, सुरक्षा बलों के 11 जवान घायल
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले नक्सल विरोधी अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) फटने से 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले माओवादियों द्वारा लगाए गए कई प्रेशर बमों (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस IED) में विस्फोट होने से 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के जंगलों में प्रेशर बमों में यह धमाके हुए।
उन्होंने बताया कि घायल सुरक्षा कर्मियों में से 10 राज्य पुलिस की इकाई जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के हैं, जबकि एक जवान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा बटालियन का है।
कोबरा कमांडो भी हुआ घायल
अधिकारियों ने बताया कि कोबरा बटालियन के घायल जवान की पहचान रुद्रेश सिंह के रूप में हुई है, जो कोबरा 210 वीं बटालियन में सब-इंस्पेक्टर हैं।
उन्होंने बताया कि रुद्रेश सिंह और डीआरजी के दो जवानों को पैर में चोट लगी है, जबकि तीन अन्य कर्मियों को आंखों में छर्रे लगे हैं। सभी घायल जवानों को रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पिछले साल नवंबर में सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा इलाके में उसूर पुलिस थाना की सीमा के तहत ताड़पाला गांव में अपना कैंप लगाया था, जिसे माओवादियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता था।
पिछले साल अप्रैल-मई में केंद्रीय और राज्य के सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के आसपास घने जंगलों में 21 दिनों तक एक व्यापक अभियान चलाया था और इस दौरान कम से कम 31 नक्सलियों को मार गिराया गया था।
पुलिस ने बताया था कि अभियान के दौरान बलों ने 35 हथियार, 450 बारूदी सुरंग और बड़ी संख्या में डेटोनेटर, विस्फोटक उपकरण, साथ ही 12 हजार किलोग्राम अन्य सामग्री जब्त की थी, जिसमें मेडिकल सप्लाई, बिजली के उपकरण, नक्सली साहित्य आदि शामिल थे।


