बिहार के युवा दूसरे राज्यों में ठुकरा रहे इंटर्नशिप ऑफर, चयन के बाद कर रहे इनकार
इंटर्नशिप के लिए दूसरे राज्यों की कंपनियों में मिले ऑफर को बिहार के युवक ठुकरा दे रहे हैं। चयन के बाद भी कई युवा अंत समय में कंपनियों में जाकर कार्य करने से मना कर दे रहे हैं। यही कारण है कि मार्च 2026 तक पांच हजार युवाओं का इंटर्नशिप कराना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इंटर्नशिप के लिए दूसरे राज्यों की कंपनियों में मिले ऑफर को बिहार के युवक ठुकरा दे रहे हैं। चयन के बाद भी कई युवा अंत समय में कंपनियों में जाकर कार्य करने से मना कर दे रहे हैं। यही कारण है कि मार्च 2026 तक पांच हजार युवाओं का इंटर्नशिप कराना बड़ी चुनौती बनी हुई है। अभी तक मात्र 854 युवक-युवतियों ने विभिन्न कंपनियों में कार्य शुरू कर दिया है। अगले पांच वर्षों में एक लाख युवाओं को इंटर्नशिप कराने का लक्ष्य है। युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के पदाधिकारी विभिन्न जिलों में जाकर युवाओं को इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं कि वह मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना का लाभ उठाएं। इसके तरहत युवाओं को इंटर्नशिप के लिए दी जाने वाली राशि राज्य सरकार भुगतान करती है। इस योजना के तहत राज्य के दो लाख से अधिक युवाओं ने संबंधित पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। इनमें करीब डेढ़ लाख का प्रोफाइल भी तैयार किया गया है।
मगर समस्या यह है कि इंटर्नशिप के लिए दूसरे राज्य जाने में ये रुचि नहीं दिखा रहे हैं। मालूम हो कि 117 कंपनियों ने 12 हजार पदों के लिए युवाओं की मांग की है। इनमें 11 हजार से अधिक दूसरे राज्यों में स्थापित कंपनियों द्वारा मांग हुई है। 2380 युवाओं को ऑफर भेजा गया है। इनमें 1400 से अधिक युवाओं ने ऑफर को स्वीकृत भी कर लिया है। मगर जब इंटर्नशिप शुरू करने की बात आती है तो कइयों द्वारा जाने से मना कर दिया जाता है। इस योजना के लिए अर्हता 12वीं उत्तीर्ण, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक या स्नातकोत्तर है। 12वीं पास युवाओं को चार हजार, आईटीआई और डिप्लोमा डिग्रीधारियों को पांच हजार तथा स्नातक-स्नातकोत्तर उत्तीर्ण युवाओं को छह हजार रुपये महीने इंटर्नशिप दिये जाते हैं। गृह जिले से अलग इंटर्नशिप के लिए अतिरिक्त दो हजार तथा राज्य के बाहर की कंपनियों के लिए अतिरिक्त पांच हजार रुपये हर माह दिये जाते हैं।
अधिकतर युवा चाहते हैं सीधे नौकरी
विभागीय पदाधिकारी बताते हैं कि अधिकतर युवा सीधे नौकरी चाहते हैं। वे इंटर्नशिप के लिए तैयार नहीं होते हैं। हालांकि, कंपनियों ने यह भी कहा है कि इंटर्नशिप के बाद हम युवा को स्थायी तौर पर नौकरी देंगे। इसके बाद भी कइयों द्वारा इंटर्नशिप स्वीकार नहीं किया जा रहा है। वहीं, कइयों ने यह सोचकर अपना पंजीकरण कराया है कि उन्हें बिना कोई काम भत्ता मिलेगा।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
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