
World Students Day : आज 15 अक्टूबर डॉ एपीजे कलाम जयंती पर क्यों मनाते हैं वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे, क्या है खास
World Students Day : डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने एक बार कहा था, 'सपने सच होने से पहले आपको सपने देखने होंगे।' स्टूडेंट्स के साथ उनका रिश्ता काफी गहरा था। इसी रिश्ते को पहचान देने के लिए हर साल 15 अक्टूबर को कलाम के जन्मदिन पर वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे मनाया जाता है।
World Student's Day , APJ Abdul Kalam birthday : भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का स्टूडेंट्स के साथ काफी गहरा रिश्ता था। वे अकसर कहते थे'सपने वो नहीं होते जो हम सोते वक्त देखते हैं, सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते।' देश के मिसाइल मेन के नाम से प्रसिद्ध कलाम के जन्मदिन को वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे के नाम से जाना जाता है। डॉ. कलाम का जीवन, उनके विचार और व्यक्तित्व छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। विद्यार्थियों के प्रति उनके गहरे लगाव और प्रेरणादायी व्यक्तित्व ने उन्हें छात्रों के बीच पीपुल्स प्रेसिडेंट के रूप में पहचान दिलाई। हर साल 15 अक्टूबर को उनके जन्मदिन पर विश्व छात्र दिवस (World Students’ Day) मनाया जाता है, जो शिक्षा के महत्व और छात्रों की भूमिका पर प्रकाश डालता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य छात्रों के लिए समान शिक्षा के अवसर सुनिश्चित करना, उनकी रचनात्मकता और इनोवेशन को बढ़ावा देना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करना है।

डॉ कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था। 2002 से 2007 तक वे भारत के राष्ट्रपति रहे। कई लोगों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र ने 15 अक्टूबर को वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे के तौर पर तय किया है, लेकिन असल में संयुक्त राष्ट्र 15 अक्टूबर को इंटरनेशनल डे ऑफ रूरल वीमेन के तौर पर मनाता है और स्टूडेंट्स डे को कोई आधिकारिक पहचान नहीं देता।
आपको बता दें कि डॉ. कलाम का मानना था कि स्टूडेंट्स ही हैं जो दुनिया में बड़े बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने साइंस और टोक्नोलॉजी, विशेषकर मिसाइल और अंतरिक्ष अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन उनका असली जुनून सिर्फ स्टूडेंट्स को पढ़ाने और प्रेरित करने में था। दरअसल डॉ. कलाम ने अपना अधिकतर जीवन युवा छात्रों को प्रेरित करने और गाइड करने के लिए समर्पित कर दिया। इस दिन का मनाने का उद्देश्य यह भी समझना है कि स्टूडेंट्स भविष्य को बनाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस दिन स्कूल कॉलेजों में कलाम की टीचिंग से जुड़े कई स्पेशल लेक्चर, सेमिनार, वर्कशॉप आयोजित किए जाते हैं। कई संस्थाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्टूडेंट्स में टैलेंट, स्किल, आर्ट और साइंटिफिक सोच को निखारने के लिए प्रतियोगिताएं भी होती हैं। इस दिन स्टूडेंट्स उनके महान विचार भी सीखते हैं।
छात्रों के लिए डॉ. एपीजे कलाम के मोटिवेशनल कोट्स,
- सपने देखो, सपने देखो, सपने देखो। सपने विचारों में बदल जाते हैं और विचार कार्य में परिणत होते हैं।-डॉ एपीजे अब्दुल कलाम
- बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और असफलता से कभी न डरें - ये सफलता के सरल रहस्य हैं। ध्यान रखें, हर महान चीज़ की शुरुआत एक दृष्टि से होती है।-डॉ एपीजे अब्दुल कलाम
- एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि सपने ही हमारी कोशिशों और मेहनत की दिशा को तय करते हैं. आपका सपना सच हो सकता है, लेकिन पहले आपको उसे देखने की हिम्मत करनी होगी।
- जब आप कठिनाइयों का सामना करते हुए जब हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं, तो जीवन में सफलता का आनंद तभी आता है।
- नए आविष्कारों के लिए साहस जुटाएं, अनजाने रास्तों पर कदम बढ़ाएं, जो असंभव लगता है उसे संभव बनाएं और चुनौतियों को पार कर सफलता हासिल करें।
कहां हुआ था जन्म
डॉ कलाम का जन्म रामेश्वरम में एक तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ था। डॉ. कलाम के स्कूल के समय में औसत ग्रेड थे, लेकिन वह हमेशा सीखने के लिए तैयार रहते थे और मेहनती छात्र थे। डॉ. कलाम को कई पुरस्कार मिले, जिनमें 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण और अनुसंधान, विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और रक्षा अनुसंधान के साथ उनके काम के लिए भारत रत्न शामिल हैं।



