Success Story: कौन हैं कनिष्क नारायण? बिहार का बेटा बना UK में AI मंत्री, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई
Who is Kanishka Narayan: बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मे कनिष्क नारायण ब्रिटेन के AI मंत्री बने हैं। 12 साल की उम्र में यूके गए कनिष्क ने ईटन कॉलेज और ऑक्सफोर्ड से पढ़ाई कर इतिहास रचा है।

Kanishka Narayan Success Story: "अगर मन में कुछ कर गुजरने की सच्ची लगन हो और इरादे मजबूत हों, तो परिस्थितियां कभी भी आपकी सफलता के आड़े नहीं आ सकतीं।" इस बात को भारत के बिहार राज्य में स्थित मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले कनिष्क नारायण ने पूरी दुनिया के सामने सच कर दिखाया है। भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद कनिष्क नारायण को यूनाइटेड किंगडम (UK) का नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सरकार मामलों का मंत्री नियुक्त किया गया है। ब्रिटेन के इतिहास में यह पहली बार है जब एआई जैसे आधुनिक और महत्वपूर्ण विषय के लिए एक समर्पित मंत्रालय बनाया गया है और उसकी कमान एक भारतीय मूल के युवा को सौंपी गई है। बिहार के मुजफ्फरपुर की छोटी-छोटी गलियों से शुरू हुआ कनिष्क का यह सफर आज दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक के केंद्रीय मंत्रिमंडल तक पहुंच चुका है।
एक कमरे के फ्लैट से Eton और Oxford तक का सफर
कनिष्क नारायण का जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था। जब वे महज 12 साल के थे, तब उनका पूरा परिवार बेहतर भविष्य की तलाश में ब्रिटेन के वेल्स क्षेत्र स्थित कार्डिफ शहर चला गया था। विदेश में शुरुआती दिन बेहद कठिन और संघर्षपूर्ण थे। उनका परिवार एक बहुत ही छोटे से एक कमरे के फ्लैट में रहता था। कनिष्क और उनके भाई ने वहां के स्थानीय सरकारी स्कूल में दाखिला लिया और पढ़ाई शुरू की। अपनी असाधारण बुद्धिमत्ता, कड़ी मेहनत और अध्यापकों के मार्गदर्शन के बल पर कनिष्क ने ब्रिटेन के सबसे प्रतिष्ठित और महंगे ईटन कॉलेज में स्कॉलरशिप हासिल की। ईटन से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने विश्वप्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी हायर एजुकेशन प्राप्त की और बाद में अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए (MBA) की डिग्री भी हासिल की।
ब्रिटिश कैबिनेट और टेक दुनिया में दिखाया कौशल
राजनीति के मैदान में उतरने से पहले कनिष्क नारायण ने ब्रिटेन के कैबिनेट ऑफिस में एक वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों को महत्वपूर्ण नीतियां बनाने में अपनी सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की सिलिकॉन वैली में कई प्रमुख टेक कंपनियों में भी काम किया। साल 2024 के ब्रिटिश आम चुनावों में वे वेल्स की 'वेल ऑफ ग्लेमॉर्गन' सीट से लेबर पार्टी के टिकट पर पहली बार सांसद चुने गए थे।
भारतीय छात्रों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत
कनिष्क नारायण का मानना है कि "दुनिया के हर कोने में प्रतिभा एक समान होती है, बस लोगों को मिलने वाले अवसरों में फर्क होता है।" उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान भी वंचित और गरीब वर्ग के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए कई अभियान चलाए। मुजफ्फरपुर की मिट्टी से निकलकर ब्रिटेन के एआई मंत्री बनने तक की उनकी यह प्रेरक कहानी भारत के करोड़ों विद्यार्थियों को यह संदेश देती है कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की कोई सीमा नहीं होती।


