तेजाब से चेहरा झुलसा पर हौसला नहीं, 10 साल बाद एक साथ पाईं 2 सरकारी नौकरियां, कौन हैं काजल प्रजापति
10 साल पहले हुए एसिड अटैक ने काजल के चेहरे को जलाकर बिगाड़ दिया था लेकिन वे अपनी जिंदगी और ख्वाब को पूरा करने की जंग में डटी रहीं। अब उन्होंने एक साथ दो सरकारी भर्तियों की परीक्षाएं क्रैक कर डाली।

गुजरात की काजल प्रजापति ने अपने कड़े संघर्ष, हिम्मत और जज्बे से देश भर की बेटियों के सामने एक अनूठी मिसाल कायम की है। 10 साल पहले हुए एसिड अटैक ने उनके चेहरे को जलाकर बिगाड़ दिया था लेकिन वे अपनी जिंदगी और ख्वाब को पूरा करने की जंग में डटी रहीं और करीब एक दशक बाद उन्होंने एक साथ दो सरकारी भर्तियों की परीक्षाएं क्रैक कर डाली। सबसे पहले उन्होंने तलाटी-कम-मंत्री पद के लिए परीक्षा पास की और इसके ठीक दो महीने बाद उन्होंने डिप्टी मामलातदार की भर्ती परीक्षा में भी सफलता का परचम लहराया। काजल ने डिप्टी मामलातदार की सरकारी नौकरी को चुना है। सितंबर में ही इसका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होना है। 28 वर्षीय काजल का साहस आज न सिर्फ एसिड अटैक सर्वाइवर्स बल्कि देश की युवतियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन गया है।
अब करीब 50 हजार प्रति माह कमाएगी काजल
सफलता के बाद काजल ने कहा, “डिप्टी मामलातदार का पद ज्यादा प्रतिष्ठित है इसलिए मैंने इसे लेने का फैसला किया है। मेरी महीने की सैलरी 49600 रुपये होगी। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए जो कुछ भी करना पड़ा है, उसके बाद मैं यह नई जिंदगी शुरू करने के लिए बहुत उत्सुक हूं।” एग्जाम की तैयारी के दौरान उन्हें वो सुविधाएं और संसाधन नहीं मिले जो अन्य उम्मीदवारों को मिलते हैं। परिवार पहले से ही उनके इलाज के खर्च से जूझ रहा था। वह कहती है, “हमारे पास कोचिंग के लिए पैसे नहीं थे और मैं प्राइवेट लाइब्रेरी में पढ़ाई नहीं कर सकती थी। इसलिए मैंने मेहसाणा में डिस्ट्रिक्ट पंचायत लाइब्रेरी में पढ़ाई की और हर दिन आठ से 10 घंटे पढ़ाई की।”
लेकिन हर दिन लाइब्रेरी जाने के लिए एक और तरह की तैयारी करनी पड़ती थी। काजल जानती थी कि अगर उसे ऐसी नौकरी करनी है जिसमें लोगों से मिलना-जुलना जरूरी हो, तो उसे पहले दुनिया में ऐसे चेहरे के साथ रहने में कम्फर्टेबल होना होगा। ऐसे चेहरे पर लोग घूरते हैं, इसकी आदत डालनी होगी। उन्होंने कहा, “मैंने कभी अपना चेहरा दुपट्टे से नहीं ढका या मास्क के पीछे नहीं छिपी क्योंकि मुझे पता था कि मुझे लोगों के घूरने की अजीब स्थिति से ऊपर आना होगा।'
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक 28 साल की उम्र में आकर उन्होंने उन सर्जरी को भी खत्म करने का फैसला किया है जिनमें उनकी युवावस्था का ज्यादातर हिस्सा लगा हुआ है। उन्होंने कहा, “मुझे और सर्जरी नहीं चाहिए। मैं अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहती हूं।”
10 साल पहले वैलेंटाइन डे पर चेहरा पर फेंका गया था तेजाब
काजल ने एक सिरफिरे आशिक का प्रपोजल ठुकरा दिया था क्योंकि उन्हें आगे पढ़ना था। 14 फरवरी 2016 को इंजीनियरिंग स्टूडेंट हार्दिक प्रजापति बाइक पर आया और गुजरात के मेहसाणा में उसके कॉलेज के पास उसके चेहरे, सीने और हाथों पर एसिड फेंक दिया। तब काजल की उम्र 18 बरस थी और वह कॉमर्स की फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। उसका चेहरा खराब हो गया। 25 से ज्यादा सर्जरी हुई। एक आंख की रोशनी चली गई।
भाई, दोस्तों और डॉक्टरों को तहे दिल से कहा शुक्रिया
वह अपने परिवार दोस्तों और डॉक्टरों को इस मुकाम तक पहुंचाने का क्रेडिट देती हैं। उनके बड़े भाई राहुल, जो एक गाड़ी के फिटनेस सेंटर में काम करते हैं, ने उनका हर कदम पर साथ दिया। काजल कहती हैं, “मेरे भाई राहुल सबसे कहते हैं कि मेरी बहन सबसे मजबूत और हिम्मत वाली है। यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है।”
दोस्तों का भी दिया धन्यवाद
काजल अपने उन दोस्तों की भी बहुत शुक्रगुजार हैं जो उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा, “मेरी सर्जरी के बाद जब मेरी आंखें ढक गई थीं और मुझे दिखाई नहीं दे रहा था तो जया मुझे गांव घुमाने ले जाती थीं। वह मुझसे कहती रहती थीं तुम्हें बाहर जाना होगा। तुम्हें दुनिया में अपनी जगह वापस लेनी होगी। ये शब्द मेरे साथ रहे।'' फिर रिंकू पटेल हैं, जिनके साथ काजल लाइब्रेरी जाती थी। उन्होंने पांच साल साथ में पढ़ाई की। सरकारी नौकरी में अपनी जगह पक्की करने के बाद काजल अब अपनी दोस्त के लिए उम्मीद कर रही है। वह कहती हैं, “मुझे उम्मीद है कि उसे भी पुलिस डिपार्टमेंट में वह नौकरी मिलेगी जो वह चाहती है।”


