तुकाराम मुंढे से क्यों हो रही IAS रोशन जैकब की तुलना? MA-Phd के बाद UPSC क्रैक कर बनीं IAS अधिकारी

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आईएएस अधिकारी रोशन जैकब उन अधिकारियों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने अपनी प्रशासनिक कार्यशैली से अलग पहचान बनाई है। वह 2004 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी हैं।

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कौन है आईएएस रोशन जैकब?

आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे किसी परिचय के मोहताज नहीं है। वो महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर हैं, जो अपनी कड़क कार्यशैली के लिए मशहूर हैं। यही वजह है कि उनका ट्रांसफर बहुत जल्दी-जल्दी हो जाता है। 21 साल में उनका 25 बार तबादला हो चुका है। कुछ इसी तरह हैं आईएएस ऑफिसर रोशन जैकब, जिनसे उत्तर प्रदेश में खाद्य माफिया खौफजदा हैं। वो लगातार यूपी में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ एक बड़े अभियान की कमान संभालते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं। यही वजह है कि उनकी तुलना तुकाराम मुंढे से हो रही है।

कौन है आईएएस रोशन जैकब

बता दें कि आईएएस अधिकारी रोशन जैकब उन अधिकारियों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने अपनी प्रशासनिक कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। वह 2004 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी हैं। उनका जन्म केरल के तिरुवनंदपुरम में हुआ था और उनकी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं हुई।

इंग्लिश से पीएचडी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोशन जैकब ने इंग्लिश सब्जेक्ट में BA, MA और PhD की पढ़ाई की है। इसलिए उन्हें आईएएस अधिकारी के साथ-साथ डॉक्टर रोशन जैकब के तौर पर भी जाना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से अधिकारी की कुर्सी हासिल की और 2004 में अफसर बनी थीं।

कहां-कहां हुई पोस्टिंग

बता दें कि केरल आईएएस अधिकारी बनने के बाद रोशन जैकब की पहली पोस्टिंग बरेली में संयुक्त मजिस्ट्रेट के तौर पर हुई थी। इसके बाद उन्होंने कानपुर नगर, मेरठ और अन्य कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह बस्ती, गोंड़ा, रायबरेली, बाराबंकी और बुलंदशहर जैसी जगहों पर जिलाधिकारी भी रहीं। 2017 में वह उत्तर प्रदेश के खनन विभाग की पहली महिला निदेशक बनीं।

3000 से अधिक जगहों पर निरीक्षण

एनडीटीवी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक IAS डॉ. रोशन जैकब को 16 सितंबर 2025 को यूपी एफएसडीए के कमिश्नर पद पर तैनात किया गया था।अब तक उनकी टीम प्रदेश भर में 3500 से अधिक जगहों पर निरीक्षण कर चुकी है। इस दौरान 6 एफआईआर दर्ज कराई गईं, जबकि नकली व मिलावटी घी, दूध, पनीर और पेयजल बेचने वालों पर सख्त एक्शन लेते हुए कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तक निरस्त कर दिए गए।

बता दें कि IAS रोशन जैकब और IAS तुकाराम मुंढे भले ही अलग-अलग कैडर से आते हैं, लेकिन दोनों ही अपनी सक्रिय और प्रभावी प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। तुकाराम मुंढे 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं और अपने सख्त व निर्णायक फैसलों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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