Success Story: MIT की पढ़ाई बीच में छोड़ी, 25 साल के अमन बने ₹51.98 हजार करोड़ के मालिक, SpaceX को बेची AI कंपनी 'कर्सर'

By Prachi
लाइव हिन्दुस्तान
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Aman Sanger Net Worth: भारतीय मूल के 25 वर्षीय अमन संगर के एआई स्टार्टअप 'Cursor' को एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने करीब ₹5 लाख करोड़ में खरीद लिया है, जिससे अमन रातों-रात लगभग 51.98 हजार करोड़ के मालिक बन गए हैं।

Who is Aman Sanger

Who is Aman Sanger: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक ऐसा धमाका हुआ है, जिसने पूरी दुनिया के टेक उद्योग और युवा छात्रों को हैरान कर दिया है। दिग्गज कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने एआई-बेस्ड कोडिंग प्लेटफॉर्म 'कर्सर' (Cursor AI) की पैरेंट कंपनी 'एनीस्फीयर इंक' (Anysphere Inc) को 60 अरब डॉलर (करीब 5.6 लाख करोड़ रुपये) में खरीदा है। टेक जगत की इस साल की सबसे बड़ी डील्स में से एक इस सौदे ने भारतीय मूल के महज 25 वर्षीय युवा टेक उद्यमी अमन संगर को रातोंरात दुनिया के सबसे अमीर युवाओं की लिस्ट में शामिल कर दिया है। इस डील के बाद अमन संगर की कुल संपत्ति बढ़कर 5.5 अरब डॉलर यानी लगभग 51.98 हजार करोड़ रुपए हो गई है।

कैसी रही अमन संगर की शिक्षा और कोडिंग का सफर?

न्यूयॉर्क में एक भारतीय परिवार में जन्मे अमन संगर के पिता अरविंद सांगर देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के पूर्व छात्र रहे हैं, जिन्होंने बाद में टुलेन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। वहीं उनकी मां शिल्पा संगर एक बिजनेसवूमेन और एंजेल इन्वेस्टर हैं। ऐसे पढ़े-लिखे माहौल में पले-बढ़े अमन को बचपन से ही कंप्यूटर से गहरा लगाव था। उन्होंने महज 14 साल की उम्र में ही कोडिंग करना सीख लिया था।

अमन की असाधारण प्रतिभा के कारण उन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन टेक्निकल इंस्टीट्यूट मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में दाखिला मिला। उन्होंने साल 2018 में एमआईटी (MIT) में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात अपने तीन प्रतिभाशाली क्लासमेट—माइकल ट्रुएल, सुलेह आसिफ और आर्विड लुनेमार्क से हुई। इन चारों दोस्तों का दिमाग कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में बहुत तेज चलता था।

जब बीच में छोड़ी पढ़ाई और लिया 'ड्रॉपआउट' का बड़ा रिस्क

एमआईटी (MIT) में चार साल बिताने और कंप्यूटर साइंस की गहरी समझ हासिल करने के बाद, साल 2022 में इन चारों दोस्तों ने एक बड़ा फैसला लिया। अपनी डिग्री पूरी करने के ठीक पहले उन्होंने कॉलेज छोड़ने यानी ‘ड्रॉपआउट’ होने का मन बना लिया ताकि वे अपना खुद का एआई स्टार्टअप शुरू कर सकें। उन्होंने 'एनीस्फीयर' नाम की कंपनी की नींव रखी।

शुरुआत में उनका पहला प्रोडक्ट एक एआई डिजाइन टूल बुरी तरह फ्लॉप हो गया। लेकिन इस असफलता से निराश होने के बजाय, अमन और उनके दोस्तों ने अपनी शिक्षा और कोडिंग के अनुभव का इस्तेमाल उस समस्या को सुलझाने में किया। इसी सोच के साथ जन्म हुआ 'कर्सर' (Cursor AI) का। कर्सर एक ऐसा एआई असिस्टेंट टूल है जो डेवलपर्स को सामान्य भाषा में निर्देश देकर बेहद तेजी से सॉफ्टवेयर कोड लिखने, गलतियां सुधारने और बग्स फिक्स करने की सुविधा देता है। इसे आज टेक की दुनिया में ‘वाइब कोडिंग’ का नाम दिया जा रहा है।

गूगल से लेकर मस्क तक का सफर

मस्क की कंपनी के साथ इतनी बड़ी डील करने से पहले अमन संगर ने तकनीकी दुनिया में अपनी योग्यता को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी गूगल, You.com और मशहूर हेज फंड ब्रिजवाटर एसोसिएट्स में इंटर्नशिप और विभिन्न तकनीकी भूमिकाओं में काम किया था। इन्हीं अनुभवों ने उन्हें एक बेहतरीन कोडिंग टूल बनाने में मदद की।

कॉलेज के छात्रों के लिए अमन सांगर की यह कहानी एक बहुत बड़ी सीख है कि यदि आपके पास सही स्किल्स, पक्का इरादा और कुछ नया करने का जज्बा हो, तो उम्र या कोई अधूरी डिग्री आपकी सफलता के आड़े नहीं आ सकती।

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लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो: प्राची लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 2 वर्षों से वे करियर, शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़े विषयों पर लिख रही हैं। मुश्किल खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेषता है। वे 2024 से लाइव हिन्दुस्तान की करियर टीम का हिस्सा हैं।

अनुभव और करियर का सफर
प्राची ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 'नन्ही खबर' से की थी, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा। इसके बाद, उन्होंने 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बतौर कंटेंट राइटर काम करते हुए अपनी लेखनी और रिसर्च स्किल्स को निखारा। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने के बाद, वे करियर डेस्क पर सक्रिय हैं और छात्रों के लिए करियर विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, जॉब और प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों को कवर कर रही हैं।

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प्राची ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उनकी शैक्षणिक नींव दिल्ली यूनिवर्सिटी से है, जहां से उन्होंने इतिहास में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इतिहास की अच्छी जानकारी होने के कारण, वे आज की खबरों को बेहतर तरीके से समझ और समझा पाती हैं। यही वजह है कि उनके लेखों में जानकारी पूरी तरह सटीक और अधिक भरोसेमंद होती है।

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