PM रिसर्च चेयर योजना क्या है, जानें कौन कर सकता है अप्लाई; क्या मिलेंगे फायदे
भारत सरकार की प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना का उद्देश्य देश के शोध और विकास (R&D) क्षेत्र को मजबूत करना है। इसके तहत भारतीय मूल के उत्कृष्ट शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को भारत के संस्थानों से जोड़कर यहां अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।

देश में रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार में कई तरह की योजनाएं चालू है। इन्हीं में से एक है प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर योजना यानी पीएमआरसी। भारत सरकार की प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना का उद्देश्य देश के शोध और विकास (R&D) क्षेत्र को मजबूत करना है। इसके तहत भारतीय मूल के उत्कृष्ट शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को भारत के संस्थानों से जोड़कर यहां अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं, भारत सरकार ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। योग्य उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से 15 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह योजना 13 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, स्पेस, रक्षा, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, कृषि तकनीक और एडवांस्ड मटेरियल।
योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
पीएम रिसर्च चेयर (PMRC) योजना को लीड इंस्टीट्यूशन, होस्ट इंस्टीट्यूशन और पीएमआरसी फेलो के तीन-स्तरीय ढांचे के माध्यम से लागू किया जाएगा। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार की अध्यक्षता वाली एक सशक्त समिति (Empowered Committee) इस योजना में शामिल होने वाले संस्थानों का चयन करेगी। प्रत्येक शोध क्षेत्र के लिए एक लीड इंस्टीट्यूशन नामित किया जाएगा, जो शोध कार्यों को रणनीतिक दिशा देने, विभिन्न परियोजनाओं में समन्वय बनाए रखने और अनुसंधान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का काम करेगा। इसके अलावा, ये लीड इंस्टीट्यूशन अपने-अपने विषय क्षेत्रों में होस्ट इंस्टीट्यूशन्स की उपयुक्तता का मूल्यांकन और अनुमोदन भी करेंगे।
चयनित फेलो स्वीकृत शोध परियोजनाओं पर होस्ट संस्थानों में कार्य करेंगे और आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे। इन शोध क्षेत्रों और परियोजनाओं की समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी, ताकि वे देश और दुनिया की बदलती वैज्ञानिक एवं तकनीकी जरूरतों के अनुरूप बने रहें।
वित्तीय सहायता की व्यवस्था
पीएम रिसर्च चेयर (PMRC) योजना के तहत चयनित फेलो और संस्थानों को विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें फेलोशिप राशि, रिसर्च ग्रांट, भारत आने और बसने के लिए सहायता (रिलोकेशन सपोर्ट), चिकित्सा भत्ता, आवास भत्ता और संस्थागत खर्च (इंस्टीट्यूशनल ओवरहेड्स) शामिल हैं।
योजना का उद्देश्य शोधकर्ताओं को बेहतर संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान और नवाचार पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। इसके लिए सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के अनुसार बजट मदों की निर्धारित वित्तीय सहायता (यूनिट कॉस्ट) तय की है, जिनका विवरण वित्तीय तालिका में दिया गया है।
कौन-कौन कर सकता है आवेदन?
योजना के तहत तीन श्रेणियों—यंग रिसर्च फेलो, सीनियर रिसर्च फेलो और रिसर्च चेयर में चयन किया जाएगा। चुने गए शोधकर्ताओं को आर्थिक सहायता, अत्याधुनिक शोध सुविधाएं और देश के प्रमुख संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिक, OCI कार्डधारक और भारतीय मूल के योग्य शोधकर्ता आवेदन कर सकते हैं।
कैसे करें आवेदन
PMRC 2026 के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmrc.education.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद उन्हें सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करने होंगे, जिनमें उनका बायोडाटा (CV), शैक्षणिक योग्यता और पूर्व कार्य का प्रमाण, नागरिकता संबंधी जानकारी, शोध कार्यों का विवरण और पसंदीदा होस्ट संस्थान की जानकारी शामिल है। सभी दस्तावेज तैयार करने के बाद उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरकर उसे पोर्टल के माध्यम से जमा कर सकते हैं।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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