कंप्यूटर पर परीक्षा, मोबाइल से जवाब खोजते दिखे अभ्यर्थी? VIDEO वायरल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कंप्यूटर आधारित परीक्षा में छात्र कथित तौर पर नकल करते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी एआई का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर चल रही बहस के बीच एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो एक सरकारी कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र का है, जहां बड़े पैमाने पर नकल और अनियमितताएं हो रही थीं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों को हैरानी हो रही है।
मोबाइल फोन और एआई के इस्तेमाल का दावा
सोशल मीडिया पर "राज अकादमी प्रयागराज" नाम के एक यूजर द्वारा साझा किए गए वीडियो में कुछ अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ अन्य लोगों को भी उम्मीदवारों के पास खड़े देखा जा सकता है। आरोप लगाया गया कि ये लोग प्रश्नों के उत्तर बताने में मदद कर रहे थे। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ अभ्यर्थी मोबाइल फोन के जरिए एआई टूल्स का उपयोग कर उत्तर खोज रहे थे। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने आरोप लगाया कि पूरा परीक्षा केंद्र ही समझौता किए हुए माहौल में काम कर रहा था।
नोट: लाइल हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने इसे उन लाखों छात्रों के साथ अन्याय बताया जो महीनों और वर्षों तक कठिन मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। एक यूजर ने लिखा कि जब योग्यता की जगह गलत तरीके अपनाने वालों को मौका मिलता है तो मेहनती छात्रों का मनोबल टूटता है। उसने कहा कि ऐसी घटनाएं युवाओं का पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं से विश्वास कम कर देती हैं। साथ ही संबंधित परीक्षा केंद्र की पहचान कर जांच और कार्रवाई की मांग भी की गई।
पहले से सवालों के घेरे में है परीक्षा व्यवस्था
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश की परीक्षा प्रणाली पहले से ही कई विवादों को लेकर चर्चा में है। हाल के वर्षों में विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। नीट परीक्षा से जुड़े विवादों ने पूरे देश में बड़ी बहस छेड़ी थी। वहीं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी समय समय पर आरोप लगते रहे हैं।
सीयूईटी यूजी परीक्षा में भी आईं तकनीकी दिक्कतें
बता दें शनिवार को आयोजित सीयूईटी यूजी 2026 परीक्षा के दौरान भी कई केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं और देरी की खबरें सामने आईं। अभ्यर्थियों ने परीक्षा शुरू होने में विलंब और सिस्टम संबंधी परेशानियों की शिकायत की। इससे हजारों छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा
इन घटनाओं के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि नीट, सीबीएसई, एसएससी और अब सीयूईटी, चार बड़ी परीक्षाएं हैं जिनसे करोड़ों छात्रों का भविष्य जुड़ा है, लेकिन किसी भी परीक्षा को पूरी ईमानदारी से आयोजित नहीं किया जा सका। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि सरकार देश की प्रमुख परीक्षाओं को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से आयोजित करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट का सामना कर रही है और इसका असर सीधे युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


