'आंसरकी में पास हो रहा था, पर रिजल्ट में रिजेक्ट लिखा', 60 हजार के UPTET परिणाम अस्वीकृत
यूपीटीईटी 2026 में लगभग 60 हजार अभ्यर्थियों के परिणाम रिजेक्ट (अस्वीकृत) हो गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी परिणाम में परिणाम अस्वीकृत होने का कारण अमान्य रोल नंबर, प्रश्नपत्र बुकलेट संख्या डालने समेत दूसरे कारण बताए गए हैं।

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 में लगभग 60 हजार अभ्यर्थियों के परिणाम रिजेक्ट (अस्वीकृत) हो गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी परिणाम में परिणाम अस्वीकृत होने का कारण अमान्य रोल नंबर, प्रश्नपत्र बुकलेट संख्या डालने समेत दूसरे कारण बताए गए हैं। इसे लेकर अभ्यर्थियों में काफी आक्रोश है। दर्जनों अभ्यर्थियों ने गुरुवार को चयन आयोग पर प्रदर्शन भी किया और हजारों कि संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रत्यावेदन भी दिया है। अभ्यर्थियों ने परिणाम जारी होने के पहले भी प्रत्यावेदन दिया था लेकिन आयोग ने किसी भी अभ्यर्थी के प्रत्यावेदन/शिकायत पर विचार नहीं किया। परिणाम जारी कर दिया।
छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय कुमार यादव का कहना है कि मानवीय गलती पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए ओएमआर की मैनुअली जांच कराकर सभी अभ्यर्थियों का परिणाम जारी किया जाए जिससे आने वाली शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों को मौका मिले।
क्या शिकायत कर रहे अभ्यर्थी
जितेंद्र सिंह ने लिखा - ''UPTET 2026 प्राइमरी एग्जाम के दौरान, मैं गलती से OMR शीट पर अपने रोल नंबर का एक डिजिट शेड करना भूल गया। इस वजह से, मेरा रिजल्ट इनवैलिड दिख रहा है। क्या इसका कोई सॉल्यूशन है? आंसर की चेक करने पर, मैंने क्वालिफाई कर लिया है।''
''उमेश शुक्ला ने लिखा -
अभ्यर्थी नाम - Umesh Chand Shukla
अनुक्रमांक नंबर- 0521174510
सही डिटेल भरने के बाद भी #UPTET
@upesscprayagraj ने मेरी #OMRSheet #Rejcct कर दी मेरे भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, कृपया हमारा परीक्षा परिणाम जारी करें।''
यूपीटीईटी के नॉर्मलाइज्ड स्कोर ने सभी को चौंकाया
यूपीटीईटी के नार्मलाइज्ड स्कोर ने सभी को चौंका दिया है। अभ्यर्थियों की संख्या 19,94,661 होने के कारण चयन आयोग ने यूपीटीईटी दो से चार जुलाई तक तीन दिनों में पांच पालियों (तीन पाली उच्च प्राथमिक स्तर एवं दो पाली प्राथमिक स्तर) में कराई थी। इसके चलते आयोग को नॉर्मलाइजेशन (अभ्यर्थियों के तुलनात्मक मूल्यांकन) करते हुए परिणाम तैयार करना पड़ा है। इसका नतीजा यह हुआ कि कई अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर पूर्णांक 150 से भी अधिक हो गए। हालांकि यह स्वाभाविक है लेकिन इसके बावजूद परिणाम घोषित होने के बाद से ही व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक, एक्स समेत दूसरे सोशल मीडिया सोशल प्लेटफार्म ऐसे अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर वायरल होने लगे। उदाहरण के तौर पर एक अभ्यर्थी विशाल राठौर को 150 में से 151.08310 जबकि एक अन्य अभ्यर्थी को 156.786 नॉर्मलाइज्ड स्कोर मिला है। चयन आयोग के उपसचिव और पीआरओ डॉ. संजय सिंह का कहना है कि अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित यूपीटीईटी के प्रश्नपत्रों की कठिनाई के आधार पर स्कोर को नॉर्मलाइज किया गया है यही कारण है कि कुछ अभ्यर्थियों का नॉर्मलाइज्ड स्कोर अधिकतम अंकों से ऊपर गया है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है और जिन दूसरी परीक्षाओं में नॉर्मलाइनजेशन होता है उनमें नॉर्मलाइज्ड स्कोर अधिक आते हैं।


