एनआईओएस डीएलएड वालों के यूपीटीईटी का परिणाम रुका, कोर्ट के आदेश पर परीक्षा में हुए थे शामिल
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपीटीईटी का परिणाम तो बुधवार को घोषित कर दिया है लेकिन एनआईओएस ओडीएल के माध्यम से 18 महीने का डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों का परिणाम रोक लिया है

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपीटीईटी का परिणाम तो बुधवार को घोषित कर दिया है लेकिन एनआईओएस से मुक्त और दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) के माध्यम से 18 महीने का डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों का परिणाम रोक लिया है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दायर याचिका में 24 अप्रैल को कोर्ट ने इन अभ्यर्थियों को सशर्त यूपीटीईटी में शामिल करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ चयन आयोग की ओर से दायर विशेष अपील पर एक जुलाई को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने केवल उन अभ्यर्थियों को परीक्षा में औपबंधिक रूप से शामिल होने की अनुमति दी थी जो 31 मार्च 2015 अथवा उससे पूर्व सेवा में थे।
हालांकि हाईकोर्ट ने साफ किया था कि यह अनुमति लंबित वाद के अंतिम निर्णय के अधीन होगी और ऐसे अभ्यर्थियों का परिणाम विशेष अपील के अंतिम निस्तारण अथवा हाईकोर्ट के आगामी आदेश तक घोषित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जो अभ्यर्थी 31 मार्च 2015 से पूर्व सेवा में नहीं थे उन्हें हाईकोर्ट ने बुधवार के अपने अन्तरिम आदेश में परीक्षा में सम्मिलित होने के पात्र नहीं माना था। यही कारण है कि चयन आयोग ने एनआईओएस से डीएलएड करने वाले हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल तो होने दिया लेकिन परिणाम घोषित नहीं किया है।
यूपीटीईटी के नॉर्मलाइज्ड स्कोर ने सभी को चौंकाया
प्रयागराज। यूपीटीईटी के नार्मलाइज्ड स्कोर ने सभी को चौंका दिया है। अभ्यर्थियों की संख्या 19,94,661 होने के कारण चयन आयोग ने यूपीटीईटी दो से चार जुलाई तक तीन दिनों में पांच पालियों (तीन पाली उच्च प्राथमिक स्तर एवं दो पाली प्राथमिक स्तर) में कराई थी। इसके चलते आयोग को नॉर्मलाइजेशन (अभ्यर्थियों के तुलनात्मक मूल्यांकन) करते हुए परिणाम तैयार करना पड़ा है। इसका नतीजा यह हुआ कि कई अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर पूर्णांक 150 से भी अधिक हो गए। हालांकि यह स्वाभाविक है लेकिन इसके बावजूद परिणाम घोषित होने के बाद से ही व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक, एक्स समेत दूसरे सोशल मीडिया सोशल प्लेटफार्म ऐसे अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर वायरल होने लगे। उदाहरण के तौर पर एक अभ्यर्थी विशाल राठौर को 150 में से 151.08310 जबकि एक अन्य अभ्यर्थी को 156.786 नॉर्मलाइज्ड स्कोर मिला है। चयन आयोग के उपसचिव और पीआरओ डॉ. संजय सिंह का कहना है कि अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित यूपीटीईटी के प्रश्नपत्रों की कठिनाई के आधार पर स्कोर को नॉर्मलाइज किया गया है यही कारण है कि कुछ अभ्यर्थियों का नॉर्मलाइज्ड स्कोर अधिकतम अंकों से ऊपर गया है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है और जिन दूसरी परीक्षाओं में नॉर्मलाइनजेशन होता है उनमें नॉर्मलाइज्ड स्कोर अधिक आते हैं।


