UPTET Question Paper 2026: यूपी टीईटी पेपर 1 और 2 की PDF, यहां से सीधे करें डाउनलोड
UPTET क्वेश्चन पेपर 2026 का PDF डाउनलोड करने के लिए आप नीचे दिए सेक्शन को चेक सकते हैं।

UPTET Question Paper 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूल का शिक्षक बनने का ख्वाब देखने वाले लाखों युवाओं के लिए आज का दिन बेहद खास है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने आखिरकार UPTET 2026 परीक्षा का शंखनाद कर दिया है। आज यानी 2 जुलाई से यह परीक्षा पूरे राज्य में बने अलग-अलग सेंटर्स पर शुरू हो चुकी है। 2 जुलाई से लेकर 4 जुलाई 2026 तक चलने वाली यह परीक्षा दो अलग-अलग स्तरों प्राइमरी (पेपर 1) और अपर प्राइमरी (पेपर 2) के लिए आयोजित की जा रही है। परीक्षा देकर बाहर आ रहे अभ्यर्थियों के चेहरे पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जो लोग इस परीक्षा में बैठ रहे हैं या भविष्य में शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी करने की सोच रहे हैं, उनके लिए परीक्षा का सवालिया पर्चा यानी क्वेश्चन पेपर देखना बेहद जरूरी है। प्रश्न पत्र की मदद से आप न केवल पूछे गए सवालों का सही अंदाजा लगा सकते हैं, बल्कि अपनी तैयारी को भी एक सही दिशा दे सकते हैं।
UPESSC परीक्षा खत्म होने के बाद अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर दोनों ही पेपरों के सवालिया पत्र अपलोड कर देता है। मगर परीक्षा के दौरान जिन छात्रों ने आज पहली और दूसरी शिफ्ट में परीक्षा दी है, वे अपने सवालों का मिलान करने के लिए उत्सुक हैं। वहीं जो छात्र कल या परसों परीक्षा में बैठने वाले हैं, वे पेपर का पैटर्न समझने के लिए इसे देखना चाहते हैं। आप नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक की मदद से सीधे पेपर डाउनलोड कर सकते हैं -
UPTET Question Paper for Paper 2 (Shift 1): यहां देखें
UPTET Question Paper for Paper 2 (Shift 2): यहां देखें
क्यों जरूरी है UPTET प्रश्न पत्र का विश्लेषण करना?
चाहे आपने इस बार परीक्षा दी हो या आप अगली बार बैठने की सोच रहे हों, मौजूदा साल के प्रश्न पत्र को गहराई से खंगालना बेहद फायदेमंद साबित होता है। संभावित नंबरों का अंदाजा परीक्षा देकर घर लौटते ही हर किसी के मन में यह उत्सुकता होती है कि आखिर कितने सवाल सही हुए। आप आंसर की और क्वेश्चन पेपर को मिलाकर रिजल्ट आने से पहले ही अपने संभावित स्कोर का पता लगा सकते हैं।
वहीं हर साल परीक्षा का मिजाज बदलता रहता है। इस साल पेपर आसान था, कठिन था या फिर मध्यम स्तर का था, यह बात पूरा पेपर देखने के बाद ही समझ आती है। इससे आगे की रणनीति बनाने में मदद मिलती है। इसके अलावा सिलेबस तो बहुत बड़ा होता है, लेकिन कुछ टॉपिक ऐसे होते हैं जिनसे हर बार सवाल बनते ही बनते हैं। जैसे बाल विकास या भाषा के कुछ खास नियम। प्रश्न पत्र देखने से इन महत्वपूर्ण हिस्सों की पहचान आसानी से हो जाती है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


