UPTET : कितने अभ्यर्थियों ने दी यूपी टीईटी परीक्षा, 14 फर्जी परीक्षार्थियों पर FIR
पहले दिन यूपीटीईटी की दोनों पालियों में पंजीकृत 8,07,636 परीक्षार्थियों में से 6,84,614 परीक्षा में शामिल हुए। महिला परीक्षार्थियों का उपस्थिति प्रतिशत 84.69 फीसदी तथा पुरुष परीक्षार्थियों का उपस्थिति प्रतिशत 84.86 रहा।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से गुरुवार से शुरू हुई यूपीटीईटी 2026 के पहले दिन ही विभिन्न जिलों में 14 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। सभी को स्थानीय पुलिस को सौंपते हुए उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। दोनों पालियों में पंजीकृत 8,07,636 परीक्षार्थियों में से 6,84,614 (84.76%) परीक्षा में शामिल हुए। इनमें महिला परीक्षार्थियों का उपस्थिति प्रतिशत 84.69 फीसदी तथा पुरुष परीक्षार्थियों का उपस्थिति प्रतिशत 84.86 रहा।
60 जिलों के 955 केंद्रों पर हुई पहली पाली (सुबह 9:30 से 12 बजे तक) में सात जबकि दूसरी पाली (दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक) में सात फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। जिन जिलों से फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए हैं उनमें बदायूं, इटावा, फिरोजाबाद, गोंडा, कानपुर नगर, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी और गोरखपुर शामिल हैं। पीआरओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पारदर्शी, नकल विहीन, शुचितापूर्ण, निर्विघ्न संपन्न हुई।
चुल्लू भर पानी में डूब मरना’ का अर्थ पूछा
यूपीटीईटी में अभ्यर्थियों को दोनों पालियों के पेपर में एक-एक अंक के 150 प्रश्न हल करने थे। प्रश्नसंख्या एक से 30 तक बाल विकास एवं शिक्षण विधि, 31 से 60 तक अनिवार्य भाषा हिंदी, 61 से 90 तक अंग्रेजी या उर्दू या संस्कृत, प्रश्नसंख्या 91 से 150 तक गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन का विकल्प चुनना था। अभ्यर्थियों की मानें तो प्रश्न औसत दर्जे का था। एक सेट में हिंदी विषय में ‘चुल्लू भर पानी में डूब मरना’ का अर्थ पूछा था। बाल विकास एवं शिक्षण विधि में पूछा था अत्यधिक स्क्रीन समय और अनियमित दिनचर्या के कारण किशोरों का देर रात तक जागना मुख्य रूप से निम्न में से कौन से कारणों से होने वाली कठिनाइयों का एक उदाहरण है? सामाजिक अध्ययन में संविधान, संगीत से कई प्रश्न पूछे गए थे।
पुलिस आयुक्त व डीएम ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण
पुलिस आयुक्त जोगेन्द्र कुमार व डीएम मनीष कुमार वर्मा ने यूपीटीईटी के पहले दिन रणजीत पंडित इंटर कॉलेज, केपी गर्ल्स इंटर कॉलेज, द्वारका प्रसाद गर्ल्स इंटर कॉलेज सहित विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा कक्षों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा केंद्र व्यवस्थापक एवं संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन के निर्देश दिए।
युवाओं ने आसान, शिक्षकों ने कठिन बताया
टीईटी दे रहे अभ्यर्थी दो तरह के थे। एक तो वह जो अभी तक शिक्षक नहीं बने हैं। दूसरे वह जो शिक्षक हैं और अनिवार्यता के कारण परीक्षा दे रहे हैं। इनमें ऐसे युवा जो अभी शिक्षक नहीं बने हैं उनकी नजर में पेपर आसान था। वे लंबे समय से तैयारी कर रहे थे। कुल 150 प्रश्न पूछे गए थे। इसमें बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के 30, भाषा हिंदी के 30, भाषा दो (अंग्रेजी, उर्दू या संस्कृत) के 30 के अलावा विज्ञान व गणित अथवा सामाजिक अध्ययन के 60 प्रश्न थे। सबसे ज्यादा अभ्यर्थी बाल विकास के पेपर में फंसे। इसके बाद दूसरी भाषा भी मुसीबत बनी। फिर विज्ञान और गणित के अलावा सामाजिक विज्ञान भी आसान नहीं रहा। क्वालीफाई करने के लिए अभ्यर्थियों को 60 फीसदी अंक (90 अंक) लाने होंगे। आरक्षित वर्ग के लिए 55 फीसदी (82 अंक) लाने होंगे।
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Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
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