यूपी में टीईटी पास कर चुके शिक्षक क्यों दे रहे स्पेशल टीईटी, सता रहा एक डर
यूपी में वह शिक्षक जो टीईटी पास कर चुके हैं, वह रिजल्ट में बदलाव की आशंका को देखते हुए विशेष टीईटी के भी फॉर्म भर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2028 तक शिक्षकों को टीईटी पास करने की मोहलत दी थी।

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। यूपी में परिषदीय स्कूलों के वह शिक्षक जो अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास कर चुके हैं, वह रिजल्ट में बदलाव की आशंका को देखते हुए विशेष टीईटी के भी फॉर्म भर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2028 तक शिक्षकों को टीईटी पास करने की मोहलत दी थी। ऐसे में सिर्फ दो साल ही बचे हैं और शिक्षक कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। परिषदीय स्कूलों के 1.42 लाख शिक्षकों को टीईटी पास करना जरूरी था। पिछले दिनों टीईटी का परिणाम जारी हुआ तो इसमें से 86 हजार शिक्षकों ने टीईटी पास कर लिया। अब 56818 शिक्षकों को पास करना बाकी है, मगर जिन शिक्षकों ने अभी हाल ही में टीईटी पास की है, वह भी शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली विशेष टीईटी में बैठने को आवेदन कर रहे हैं। टीईटी का परिणाम जारी होने के बाद रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों ने अपना प्रत्यावेदन देना शुरू किया है। अभी तक 55 हजार अभ्यर्थी प्रत्यावेदन दे चुके हैं और 10 सितंबर अंतिम तारीख है। वहीं विशेष टीईटी में शामिल होने के लिए शिक्षकों से आवेदन भी 10 सितंबर तक मांगे गए हैं। ऐसे में सिर्फ सेवारत के लिए आयोजित होने वाली विशेष टीईटी में 86 हजार पास शिक्षक भी फार्म भर रहे हैं।
विशेष टीईटी में शामिल करने की सिफारिश
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्यमंत्री हंस राज विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों को भी विशेष टीईटी में शामिल करने की सिफारिश की है। शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल की ओर से दिए गए ज्ञापन पर विचार कर उन्हें भी अवसर दिए जाने का अनुरोध किया है।
सेवारत शिक्षक जोखिम नहीं लेना चाहते:शिक्षक संघ
उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव कहते हैं कि बीते दिनों टीईटी का परिणाम जारी होने के बाद जिस तरह से उस पर आपत्तियां आ रही हैं, उससे लगता है कि आगे रिजल्ट में बदलाव हो सकता है। ऐसे में सेवारत शिक्षक किसी भी कीमत पर जोखिम लेने को तैयार नहीं है। वह टीईटी पास करने के बावजूद शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी देने को आवेदन फॉर्म भर रहे हैं। खासकर वह जो कि पास होने के लिए तय न्यूनतम अंक के आसपास ही नंबर पाए हैं। उन्हें लग रहा है कि कहीं परिणाम बदला तो कठिनाई खड़ी हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 को सेवारत शिक्षकों को वर्ष 2028 तक टीईटी पास करने की मोहलत दी है। विभाग ने एक साल विशेष टीईटी के आयोजन की तैयारी में ही निकाल दिए। अब सिर्फ दो वर्ष बचे हैं और कोई शिक्षक जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं।


