यूपी में फार्मासिस्ट के 560 पदों पर बंपर भर्ती, PET पास युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
यूपीएसएसएससी (UPSSSC) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग में फार्मासिस्ट के 560 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। पीईटी (PET) 2025 पास उम्मीदवार 29 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में मेडिकल क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी), लखनऊ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशालय विभाग में फार्मासिस्ट के 560 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें महिलाओं के लिए भी 112 पद खास तौर पर आरक्षित किए गए हैं और उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए भी 2% आरक्षण तय किया गया है। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर अपना फॉर्म भर सकते हैं।
उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि इस शानदार मौके का फायदा उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 मार्च 2026 तय की गई है। अगर फॉर्म भरते समय कोई गलती हो जाती है, तो आप 5 अप्रैल 2026 तक अपने आवेदन में संशोधन भी कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सभी वर्गों (General, OBC, SC, ST) के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के तौर पर मात्र 25 रुपये ही चुकाने होंगे, जिसका भुगतान ऑनलाइन माध्यमों (यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड) या एसबीआई के ई चालान के जरिए किया जा सकता है। किसी भी तरह की तकनीकी परेशानी होने पर अभ्यर्थी आयोग के हेल्पलाइन नंबर 0522 2724930 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
कुल 560 पदों पर नियुक्तियां
कुल 560 पदों में से 224 पद अनारक्षित श्रेणी के लिए रखे गए हैं। इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का विज्ञान वर्ग में 12वीं पास होना और मान्यता प्राप्त संस्थान से फार्मेसी में डिप्लोमा धारक होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, उनका राज्य फार्मेसी परिषद, उत्तर प्रदेश में पंजीकृत होना भी जरूरी है। चयन के लिए सबसे अहम शर्त यह है कि अभ्यर्थी के पास प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2025 का वैध स्कोर कार्ड होना ही चाहिए। जिन लोगों ने प्रादेशिक सेना में कम से कम दो साल की सेवा दी है या जिनके पास एनसीसी का 'बी' प्रमाण पत्र है, उन्हें चयन में अधिमानी (प्राथमिकता) अर्हता दी जाएगी। आयु सीमा की बात करें तो 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर उम्मीदवार की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित होने पर 29,200 रुपये से लेकर 92,300 रुपये तक का बेहतरीन वेतनमान दिया जाएगा।
क्या है चयन प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से पीईटी स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, लिखित परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन पर आधारित होगी। लिखित परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे और इसे हल करने के लिए दो घंटे का समय मिलेगा। इस परीक्षा को तीन भागों में बांटा गया है। पहले भाग में आपके विषयगत ज्ञान (फार्मेसी) से जुड़े 65 प्रश्न होंगे, दूसरे भाग में कंप्यूटर व सूचना प्रौद्योगिकी से 15 प्रश्न और तीसरे भाग में उत्तर प्रदेश से जुड़ी सामान्य जानकारी (UP GK) के 20 प्रश्न पूछे जाएंगे। उम्मीदवारों को तुक्का लगाने से बचना होगा क्योंकि हर गलत जवाब पर एक चौथाई (1/4) अंक की नेगेटिव मार्किंग भी लागू होगी।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को कुछ सख्त नियमों का पालन करना होगा। सभी तरह के आरक्षण का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों को ही मिलेगा, जबकि अन्य राज्यों के उम्मीदवार अनारक्षित श्रेणी में ही गिने जाएंगे। यूपी की महिला अभ्यर्थियों को यह खास ध्यान रखना होगा कि उनका जाति प्रमाण पत्र पिता पक्ष से ही निर्गत होना चाहिए। उम्र की पुष्टि के लिए केवल हाईस्कूल की मार्कशीट में दर्ज जन्मतिथि ही मान्य होगी। आवेदन करने के लिए आपको यूपीएसएसएससी की वेबसाइट के 'कैंडिडेट रजिस्ट्रेशन' सेक्शन में अपना पीईटी 2025 का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर लॉग इन करना होगा और निर्देशों का पालन करते हुए फॉर्म सबमिट करना होगा। एक से ज्यादा आवेदन करने की स्थिति में केवल अंतिम बार सबमिट किया गया फॉर्म ही स्वीकार किया जाएगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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