IIT की डिग्री, लाखों का पैकेज... पर दिल में था देश सेवा का सपना; मोनिका श्रीवास्तव कैसे बनीं UPSC टॉपर?

Apr 15, 2026 07:12 am ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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UPSC Success Story Monika Srivastava: आईआईटी गुवाहाटी से पढ़ाई और पेपैल में शानदार नौकरी के बाद मोनिका श्रीवास्तव ने यूपीएससी 2025 में 16वीं रैंक हासिल की। जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी।

IIT की डिग्री, लाखों का पैकेज... पर दिल में था देश सेवा का सपना; मोनिका श्रीवास्तव कैसे बनीं UPSC टॉपर?

UPSC Success Story Monika Srivastava: कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और लक्ष्य साफ तो मंजिल की राह में आने वाली हर बाधा छोटी पड़ जाती है। उत्तर प्रदेश के बलिया की बेटी और बिहार में पली बढ़ी मोनिका श्रीवास्तव ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के नतीजों में मोनिका ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि उन लाखों कामकाजी पेशेवरों के लिए एक मिसाल पेश की है जो नौकरी के साथ बड़े सपने देखते हैं।

455वीं रैंक से टॉप 20 तक की छलांग

मोनिका के लिए यह मुकाम रातों रात नहीं मिला। उनकी यह कामयाबी उनकी निरंतरता और खुद को बेहतर बनाने की जिद का नतीजा है। इससे पहले उन्होंने यूपीएससी 2023 की परीक्षा में भी सफलता पाई थी, जहां उन्हें 455वीं रैंक मिली थी। हालांकि, एक अच्छी रैंक होने के बावजूद उनके मन में अपने प्रदर्शन को और सुधारने की तड़प थी। उन्होंने हार नहीं मानी और एक बार फिर मैदान में उतरीं, जिसका सुखद परिणाम आज सबके सामने 16वीं रैंक के रूप में है।

एक शानदार करियर का किया त्याग

मोनिका की शैक्षिक पृष्ठभूमि हमेशा से ही अव्वल रही है। गणित में गहरी दिलचस्पी रखने वाली मोनिका ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। पढ़ाई के बाद उनका चयन मशहूर ग्लोबल कंपनी PayPal (पेपैल) में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर हुआ। चेन्नई में उनका करियर शानदार चल रहा था लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

वो फैसला जिसने जिंदगी बदल दी

अक्सर लोग पूछते हैं कि एक बेहतरीन कॉरपोरेट करियर छोड़कर प्रशासनिक सेवा में आने का विचार कब आया? मोनिका के लिए यह मोड़ कोविड 19 महामारी के दौरान आया। उनके भाई बहन डॉक्टर हैं और वे उस संकट की घड़ी में फ्रंटलाइन पर रहकर लोगों की जान बचा रहे थे। एक इंटरव्यू में मोनिका बताती हैं, "अपने भाई बहनों को समाज की सेवा करते देख मुझे लगा कि मेरे पास क्षमता होने के बावजूद मैं उस तरह से योगदान नहीं दे पा रही हूं। मैं भी मुख्यधारा का हिस्सा बनकर सीधे तौर पर लोगों के लिए काम करना चाहती थी।" बस इसी एक विचार ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी की ओर मोड़ दिया।

ऐसे शुरू की रणनीतिक तैयारी

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की फुल टाइम नौकरी के साथ देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था। मोनिका ने इसे एक चुनौती की तरह लिया। इस दौरान उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा भी दी और वहां असिस्टेंट कमिश्नर (स्टेट टैक्स) के पद पर चुनी गईं। आत्मविश्वास बढ़ा तो उन्होंने यूपीएससी के लिए छुट्टी ली और पूरी ताकत झोंक दी।

इंटरव्यू में पूछे गए तीखे सवाल

मोनिका के व्यक्तित्व परीक्षण (Personality Test) के दौरान पैनल ने काफी विविधतापूर्ण सवाल पूछे। उनसे गोल्डीलॉक्स जोन इकोनॉमी, रेलवे के ऑपरेटिंग रेशियो, कोटा की कोचिंग संस्कृति, रेलवे दुर्घटनाओं के कारण और रुपये के भाव में गिरवाट जैसे गंभीर मुद्दों पर राय मांगी गई। मोनिका ने अपनी स्पष्ट सोच और वैचारिक गहराई से पैनल को प्रभावित किया।

उम्मीदवारों के लिए सक्सेस मंत्र

अपनी इस शानदार जीत के बाद मोनिका ने नए अभ्यर्थियों को कुछ अहम सुझाव दिए हैं। उनका मानना है कि सिलेबस पर पकड़ आपकी रणनीति को और आसान बना देती है। पाठ्यक्रम को पूरी तरह समझें और उत्तर लिखते समय कीवर्ड्स का इस्तेमाल करें। अपनी नींव मजबूत रखें और उत्तरों में वास्तविक जीवन के उदाहरण शामिल करें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (PYQs) को हल करने से परीक्षा के पैटर्न और समय प्रबंधन में मदद मिलती है। मोनिका का मानना है कि कामकाजी लोगों को परीक्षा के हर चरण से पहले कुछ समय की छुट्टी लेनी चाहिए ताकि वे पूरी तरह से केंद्रित रह सकें।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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