एक ही साल में दो कमाल, UPSC और UPPCS में गाड़े झंडे; IPS बन करेंगे पिता का नाम रोशन
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इसकी परीक्षा पास करने के लिए उम्मीदवारों को बहुत मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन अगर इसकी तैयारी मेहनत के साथ-साथ एक सुलझी स्ट्रैटजी के साथ करेंगे, तो सफलता मिलने में ज्यादा देर नहीं लगेगी।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इसकी परीक्षा पास करने के लिए उम्मीदवारों को बहुत मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन अगर इसकी तैयारी मेहनत के साथ-साथ एक सुलझी स्ट्रैटजी के साथ करेंगे, तो सफलता मिलने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे ही शख्सियत से मिलवाने जा रहे हैं, जिनकी कहानी काफी प्रेरणादायक है। इन्होंने एक ही साल में 2 बड़ी परीक्षाओं को क्रैक किया। पहली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और दूसरी यूपीपीसीएस की परीक्षा। चलिए इनसे मिलवाते हैं।
सचिन वर्मा को हासिल हुई 785वीं रैंक
जी हां, हम बात कर रहे हैं सचिन वर्मा की। लखीमपुर खीरी के धौरहरा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम भऊवापुर निवासी सचिन वर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त की है। किसान जगदीश वर्मा के पुत्र सचिन ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 785वीं रैंक हासिल की है, जिसके परिणामस्वरूप उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ है।
परिवार और पढ़ाई
सचिन वर्मा का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके पिता जगदीश वर्मा खेती करते हैं और मां रमादेवी गृहिणी हैं। बचपन से ही मेहनती और अनुशासित रहे सचिन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय एलपीएस लखीमपुर से पूरी की। हाई एजुकेशन प्राप्त करने के बाद, सचिन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने लंबे समय तक कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई की।
कई बार रहे असफल
बताते चलें कि कई प्रयासों के बाद, इस बार उन्हें यह सफलता मिली है। अपनी सफलता पर सचिन ने कहा, "यह मेरी माता रमादेवी, पिता जगदीश वर्मा और सभी शिक्षकों की मेहनत का परिणाम है। ग्रामीण परिवेश में रहते हुए भी उन्होंने मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया।" सचिन वर्मा ने साल 2021 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठे। हालांकि कोई गंभीर तैयारी नहीं थी, इसलिए वो प्रीलिम्स भी पास नहीं कर सके, लेकिन इस प्रयास से उन्हें परीक्षा की प्रक्रिया समझ में आ गई। 2022 में अपने दूसरे प्रयास (UPSC CSE) में भी वे प्रीलिम्स पास नहीं कर पाए। 2023 के तीसरे प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंच गए, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना पाए। यह असफलता इसलिए ज्यादा दुखद थी क्योंकि इंटरव्यू तक पहुंचना चयन की उम्मीदें बढ़ा देता है।
2025 में डबल धमाका
2024 में चौथे प्रयास में भी वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन की बाधा पार नहीं कर सके। लगातार इतने करीब आकर भी सफल न होना उनके लिए मानसिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण रहा। सचिन वर्मा का चयन यूपीसीसी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में हुआ और उन्होंने ऑल इंडिया 785वीं रैंक हासिल की। कमाल की बात यह है कि इसी साल उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) संयुक्त राज्य/उच्च अधीनस्थ सेवा परीक्षा में रैंक 34 प्राप्त की।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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